
मिठौरा ब्लॉक सभागार में गुरुवार को ‘बहू-बेटी सम्मेलन’ हुआ। इसमें महिलाओं और किशोरियों को सुरक्षा, समानता और अधिकारों के बारे में जागरूक किया गया। यूनिसेफ और पुलिस विभाग ने मिलकर यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें छह गतिविधियों के जरिए महिलाओं को अलग-अलग हालात में सुरक्षित रहने के तरीके सिखाए गए। यूनिसेफ के मंडल सलाहकार शैलेन्द्र प्रताप सिंह और महिला कल्याण विभाग की मास्टर ट्रेनर जेंडर स्पेशलिस्ट संजा देवी ने प्रशिक्षण दिया। इसमें बैच-07 के 25 ग्राम पंचायत सुगमकर्ताओं को ट्रेनिंग मिली। महिला उपनिरीक्षक चौक रेखा वर्मा ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए जागरूकता के साथ अपने अधिकारों की जानकारी होना भी जरूरी है। प्रशिक्षण में ‘हमारा संबंध जाल’ गतिविधि के जरिए परिवार में बातचीत और आपसी सहयोग का महत्व समझाया गया। ‘हमारी ताकत’ गतिविधि से मुश्किल हालात से निपटने में व्यक्ति की क्षमता और परिवार के सहयोग पर बात हुई। बच्चों के बिना बताए घर छोड़ने के मामलों पर भी चर्चा हुई। अभिभावकों को सलाह दी गई कि वे बच्चों के साथ दोस्ताना व्यवहार करें और उनकी समस्याएं नियमित रूप से सुनें। महिला उपनिरीक्षक ने साइबर ठगी से बचने के तरीके भी बताए। उन्होंने कहा कि अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी साझा न करें और संदिग्ध फोन कॉल पर बैंक से जुड़ी जानकारी न दें। सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी साझा करने से भी सावधान रहने को कहा गया। मास्टर ट्रेनर संजा देवी ने बताया कि इस प्रशिक्षण का मकसद महिलाओं और किशोरियों को समस्याओं को पहचानने, समय पर मदद लेने और सुरक्षित माहौल बनाने में सक्षम बनाना है। इस कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा, बाल विकास पुष्टाहार, स्वास्थ्य, राष्ट्रीय आजीविका मिशन और पुलिस विभाग के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।






























