नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विपक्षी नेताओं को 'नाराज फूफा' कहे जाने के बाद देश की राजनीति में जुबानी जंग तेज हो गई है। प्रधानमंत्री के इस बयान पर पलटवार और समर्थन का दौर जारी है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी का खुलकर समर्थन करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का यह बयान होम्योपैथी की उस मीठी गोली की तरह है, जिसका असर एलोपैथी की एंटीबायोटिक दवा जैसा तेज हुआ है।
विकास की राह में बाधा बनने का आरोप
नितिन नवीन ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि जिस तरह हर समाज और परिवार में कुछ असंतुष्ट लोग होते हैं जो सकारात्मक प्रगति में रोड़ा अटकाते हैं, ठीक वही भूमिका आज देश का विपक्ष निभा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, तो विपक्ष को इससे परेशानी क्यों है। उन्होंने आरोप लगाया कि अनुच्छेद 370 को निरस्त करने, कश्मीर में तिरंगा फहराने, नक्सलवाद पर अंकुश लगाने और 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने जैसी देश की बड़ी उपलब्धियों पर भी विपक्ष केवल नाराजगी जाहिर करता है।
'2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य होकर रहेगा पूरा'
भाजपा अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि जो नारे विपक्ष दशकों तक सत्ता में रहकर पूरे नहीं कर सका, उन्हें आज पूरा होते देख वे पचा नहीं पा रहे हैं। विपक्ष देश के विकास और समृद्ध विरासत से ज्यादा अपने निजी स्वार्थों को प्राथमिकता दे रहा है। नितिन नवीन ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है, जिसके लिए देश के 140 करोड़ नागरिक एकजुट हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष के विरोध के बावजूद देश की विकास यात्रा रुकने वाली नहीं है।
















































