श्रावस्ती के गिलौला थाने में साल 1988 में दर्ज हुए लूट के एक मामले में करीब 38 साल बाद अदालत का फैसला आया है। बुधवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट दिलीप कुमार साहनी की अदालत ने इस मामले में आरोपी अशोक कुमार को दोषी मानते हुए न्यायालय उठने तक के कारावास और 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अशोक कुमार चेतियामुरार, गिलौला का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक, गिलौला थाने में साल 1988 में मुकदमा नंबर 46/1988 IPC की धारा 392 के तहत दर्ज हुआ था। आरोप था कि अशोक कुमार ने रास्ते में शिकायतकर्ता के बैग से जमीन के बैनामे के लिए रखे आठ हजार रुपये लूट लिए थे। यह मुकदमा लंबे समय से अदालत में चल रहा था। 8 सितंबर 2026 को सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी पाया और सजा सुनाई। यह फैसला पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश लखनऊ के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ अभियान के तहत आया है। इस अभियान का मकसद जरूरी और चिन्हित मामलों में अपराधियों को जल्द सजा दिलाना है। अभियान पर अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन और पुलिस उपमहानिरीक्षक देवीपाटन परिक्षेत्र स्तर से भी नजर रखी जा रही है। पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी खुद जरूरी और चिन्हित मुकदमों की निगरानी कर रहे हैं। आरोपियों को जल्द सजा दिलाने के लिए एडिशनल एसपी चंद्रकेश सिंह समेत संबंधित थाना प्रभारियों और पैरोकारों को मजबूत पैरवी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी कड़ी में इस पुराने लूट के मुकदमे में मॉनिटरिंग सेल, जिला सरकारी वकील और कोर्ट पैरोकार की मजबूत पैरवी के कारण अदालत ने आरोपी को दोषी पाया। पुलिस का कहना है कि ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ के तहत पुराने और जरूरी मामलों में मजबूत पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाने की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
हड़ियाकोट बाजार से खरीदारी करने गए युवक की बाइक चोरी:कुछ देर...
महराजगंज के बृजमनगंज क्षेत्र के हड़ियाकोट बाजार में खरीदारी करने गए एक व्यक्ति की बाइक चोरी हो गई। कवलपुर गांव निवासी मो. मोकीम ने...





































