चतरा: झारखंड के चतरा जिले अंतर्गत मयूरहंड प्रखंड की मंझगावा पंचायत स्थित बाराडीह गांव में बुनियादी सुविधाओं के अभाव ने बच्चों के भविष्य पर संकट खड़ा कर दिया है। गांव और विद्यालय के मध्य से होकर गुजरने वाली नदी पर पुल का निर्माण न होने के कारण छात्र-छात्राओं को रोजाना अपनी जान हथेली पर रखकर नदी पार करनी पड़ती है।
उफनती नदी में जानलेवा सफर, अभिभावकों में बना रहता है भय
सामान्य दिनों में तो बच्चे किसी तरह नदी का पानी पार कर लेते हैं, किंतु मानसून के समय नदी का जलस्तर बढ़ते ही आवागमन अत्यंत जानलेवा हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, तेज जलधारा के बीच सुरक्षित रास्ते के अभाव में मासूमों को पानी से होकर ही गुजरना पड़ता है। जब तक बच्चे स्कूल से सकुशल घर वापस नहीं लौट आते, तब तक परिजनों का मन किसी अनहोनी की आशंका से कांपता रहता है।
पुल निर्माण की पुरानी मांग, प्रशासनिक उपेक्षा से बढ़ा ग्रामीणों का आक्रोश
गांव के लोगों का कहना है कि बाराडीह गांव को मुख्य मार्ग और विद्यालय से जोड़ने के लिए लंबे समय से पुलिया निर्माण की मांग की जा रही है। नदी पर पक्के पुल के निर्माण से न केवल स्कूली बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में सुगमता होगी, बल्कि संपूर्ण गांव की आवाजाही भी सुचारू हो सकेगी। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और स्थानीय प्रशासन की उदासीनता के कारण अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।




































