उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने अपनी पुरानी मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। संघ ने मुख्यमंत्री के नाम उपजिलाधिकारी इकौना को ज्ञापन सौंपा है। लेखपालों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने सकारात्मक कार्रवाई नहीं की, तो 17 अक्टूबर 2026 से पूरे प्रदेश में काम बंद कर दिया जाएगा। लेखपालों का कहना है कि राजस्व प्रशासन में अहम भूमिका के बावजूद उनका काम लगातार बढ़ाया जा रहा है। उनसे राजस्व रिकॉर्ड अपडेट, वरासत, नामांतरण, पैमाइश, ई-गवर्नेंस, आपदा प्रबंधन और कानून-व्यवस्था जैसे कई सरकारी काम कराए जाते हैं, पर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं। उनकी मुख्य मांगों में शुरुआती वेतनमान लेवल-5 (ग्रेड पे 2800) करना, वेतन विसंगति दूर करना, आठ साल से रुके अंतर-मंडलीय तबादले शुरू करना और साल 2025-26 की पदोन्नति सूची जारी करना शामिल है। इसके अलावा, स्टेशनरी भत्ता 500 रुपये, वाहन भत्ता 1500 रुपये और विशेष भत्ता 1000 रुपये हर महीने करने की मांग है। भूलेख कार्यालयों से अटैच लेखपालों को हटाने, ग्राम सचिवालयों में जरूरी सुविधाएं देने और लेखपाल पद को तकनीकी घोषित कर लैपटॉप व मोबाइल जैसे उपकरण देने की भी मांग उठाई गई है।
लेखपालों ने 17 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी:मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा, वेतन विसंगति और पदोन्नति की मांग
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