बस्ती में कुसौरा क्षेत्र के गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर रविवार 20 सितंबर को सहकारी गन्ना विकास समिति लिमिटेड की बैठक हुई। बैठक में सामाजिक कार्यकर्ता और किसान प्रतिनिधि राम कृष्ण पटेल ने किसानों की मांग को मजबूती से उठाते हुए पेराई सत्र 2026-27 में कुसौरा गन्ना क्रय केंद्र को रुधौली चीनी मिल से हटाकर मुण्डेरवा चीनी मिल से जोड़ने की मांग की। बैठक में मौजूद सैकड़ों किसानों ने भी रुधौली चीनी मिल के खिलाफ नाराजगी जताते हुए पटेल की मांग का समर्थन किया। भुगतान में देरी और तौल व्यवस्था पर सवाल
राम कृष्ण पटेल ने बैठक में कहा कि रुधौली चीनी मिल से जुड़े रहने के दौरान कुसौरा क्षेत्र के किसानों को गन्ने के मूल्य के भुगतान में देरी की समस्या झेलनी पड़ती है। किसानों का आरोप है कि क्रय केंद्र पर तौल व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। इसके अलावा मिल प्रशासन की ओर से किसानों की समस्याओं के समाधान में अपेक्षित सहयोग नहीं मिलता। इससे किसानों में नाराजगी बढ़ रही है। कुसौरा केंद्र को मुण्डेरवा मिल से जोड़ने की मांग
पटेल ने कहा कि कुसौरा क्षेत्र के किसानों की स्पष्ट मांग है कि आगामी पेराई सत्र में उनके क्रय केंद्र को मुण्डेरवा चीनी मिल से जोड़ा जाए। उनका कहना है कि किसानों की सुविधा, समय पर गन्ना मूल्य का भुगतान और पारदर्शी तौल व्यवस्था को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। किसानों को ऐसी व्यवस्था चाहिए, जिसमें उन्हें गन्ना बेचने के बाद भुगतान के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े। सैकड़ों किसानों ने जताया समर्थन
बैठक में बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने रुधौली चीनी मिल से जुड़ी समस्याओं को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की और राम कृष्ण पटेल की ओर से रखी गई मांग का समर्थन किया। किसानों का कहना है कि क्रय केंद्र से जुड़ी व्यवस्थाएं बेहतर होने से गन्ना बिक्री के दौरान होने वाली परेशानियां कम हो सकती हैं। सांसद और विधायक ने भी लिखा पत्र
कुसौरा क्रय केंद्र को मुण्डेरवा चीनी मिल से जोड़ने की मांग को बस्ती सांसद राम प्रसाद चौधरी और महादेवा विधायक दूधराम का भी समर्थन मिला है। दोनों जनप्रतिनिधियों ने इस संबंध में गन्ना आयुक्त को पत्र लिखा है। इससे किसानों की मांग को लेकर मामला समिति और स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर विभागीय स्तर तक पहुंच गया है। पहले दिया था किसानों की ओर से मांग-पत्र
राम कृष्ण पटेल ने इससे पहले किसानों की ओर से समिति को मांग-पत्र सौंपा था। इसके बाद सहकारी गन्ना विकास समिति ने उन्हें सामान्य निकाय की बैठक में आमंत्रित किया, ताकि वह किसानों की समस्याओं और मांगों को सदस्यों के सामने रख सकें। बैठक में उन्होंने किसानों की ओर से क्रय केंद्र बदलने की मांग के साथ भुगतान और तौल व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं भी रखीं। किसानों ने कहा- सुविधा और पारदर्शिता जरूरी
किसानों का कहना है कि गन्ना बिक्री की पूरी प्रक्रिया उनके लिए सुविधाजनक और पारदर्शी होनी चाहिए। समय पर भुगतान और सही तौल किसानों की प्रमुख जरूरत है। बैठक में उठी मांग अब गन्ना विभाग के स्तर पर भी पहुंच चुकी है। किसानों को उम्मीद है कि पेराई सत्र 2026-27 से पहले कुसौरा क्रय केंद्र को मुण्डेरवा चीनी मिल से जोड़ने को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

















































