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मुंडेरवा में उपभोक्ताओं को हजारों के बढ़े बिजली बिल भेजे:आक्रोशित विकास अग्रहरि ने एसडीओ से जांच की मांग की

मुंडेरवा में बिजली उपभोक्ताओं को हजारों रुपये के बढ़े हुए बिल भेजे जा रहे हैं। इससे ग्रामीण इलाकों में लोगों में काफी नाराजगी है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि सिर्फ 10 से 15 दिनों के भीतर ही उन्हें हजारों रुपये के बिल थमा दिए गए हैं। इससे आम लोगों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय उपभोक्ताओं के मुताबिक, घरों में सिर्फ एक पंखा और एक-दो बल्ब इस्तेमाल होने के बावजूद 15 दिनों में 1800 रुपये से लेकर 3000 रुपये तक के बिजली बिल आ रहे हैं। उनका कहना है कि इतनी कम बिजली खपत के बाद भी इतने ज्यादा बिल आने से वे परेशान हैं। उनका सवाल है कि जब घर में सीमित बिजली के उपकरण इस्तेमाल हो रहे हैं, तो इतनी ज्यादा राशि का बिल कैसे बन रहा है। यह समस्या किसी एक उपभोक्ता तक सीमित नहीं है। गांव के कई लोगों ने इसी तरह की शिकायतें की हैं। अचानक बढ़े बिलों के कारण ग्रामीण उपभोक्ताओं में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। इन शिकायतों को लेकर विकास अग्रहरि ने बिजली विभाग के एसडीओ से मुलाकात की। उन्होंने मामले की प्रशासनिक जांच कराने की मांग की। अग्रहरि ने वीडियो के जरिए भी एसडीओ के सामने उपभोक्ताओं की समस्याएं रखीं। विकास अग्रहरि ने मांग की है कि बिजली विभाग के अधिकारी उपभोक्ताओं के घरों पर जाकर असली स्थिति की जांच करें। उन्होंने कहा कि मौके पर जाकर यह देखा जा सकता है कि जिन घरों में सिर्फ एक पंखा और एक-दो बल्ब इस्तेमाल हो रहे हैं, वहां 10 से 15 दिनों के भीतर 1800, 2000 या 3000 रुपये तक के बिल किस आधार पर आ रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से बिलों की जांच करने, मीटर रीडिंग का सत्यापन करने और अगर बिलिंग में कोई गड़बड़ी मिलती है, तो उसे तुरंत ठीक कराने की मांग की। जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग

विकास अग्रहरि ने प्रशासन से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बिजली बिलों में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि बिजली बिलों में किसी प्रकार की लापरवाही या तकनीकी गड़बड़ी सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

ग्रामीण उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि बिजली विभाग के अधिकारी उनकी शिकायतों को गंभीरता से लेंगे और मौके पर जांच कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेंगे। अब देखना होगा कि विभाग की ओर से इन शिकायतों पर क्या कदम उठाए जाते हैं और उपभोक्ताओं को बढ़े हुए बिजली बिलों की समस्या से कब तक राहत मिलती है।