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किसानों को बताए गन्ने की बुवाई के 3 वैज्ञानिक तरीके:सिसवा चीनी मिल ने शरदकालीन गन्ने की बुवाई के लिए बेहतर उत्पादन के दिए टिप्स

शरदकालीन गन्ने की बुवाई का समय करीब आने के साथ आईपीएल चीनी मिल सिसवा ने किसानों को अच्छी पैदावार के लिए वैज्ञानिक तरीके अपनाने की सलाह दी है। मिल के गन्ना विभागाध्यक्ष धीरज सिंह ने किसानों से अपील की है कि वे स्वस्थ और रोगमुक्त बीज गन्ने का चुनाव करें। साथ ही खेत की तैयारी, बुवाई की गहराई और पौधों के बीच सही दूरी का खास ध्यान रखें। धीरज सिंह ने कहा कि सही समय पर सही तरीके से की गई बुवाई से गन्ने का अंकुरण बेहतर होता है और फसल मजबूत बनती है। धीरज सिंह ने बताया कि शरदकालीन गन्ने की बुवाई के लिए किसान तीन तरीके अपना सकते हैं। इनमें सिंगल लाइन, ट्रेंच और चार फीट विधि शामिल हैं। सिंगल लाइन विधि में स्वस्थ और रोगमुक्त बीज गन्ने का चुनाव कर खेत को अच्छी तरह तैयार किया जाता है। इसके बाद बीज गन्ने को करीब 5 से 7 सेंटीमीटर की सही गहराई पर बोना चाहिए। इससे अंकुरण बेहतर होता है और पौधों की शुरुआती बढ़वार अच्छी होती है। ट्रेंच विधि में खेत को तैयार करके बराबर दूरी पर ट्रेंच (नालियां) बनाई जाती हैं। फिर तय दूरी के हिसाब से गन्ने की बुवाई की जाती है। इस तरीके से खेत में पौधों की स्थिति सही रहती है और अंकुरण व पौधों की बढ़वार में मदद मिलती है। चार फीट विधि में गन्ने को लगभग चार फीट की दूरी पर सिंगल लाइन में लगाया जाता है। इतनी दूरी होने से फसल को धूप और हवा आसानी से मिलती है। साथ ही निराई-गुड़ाई और दूसरे खेती के काम करने में भी आसानी होती है। धीरज सिंह ने जोर देकर कहा कि स्वस्थ बीज गन्ना अच्छी पैदावार की नींव है। सही दूरी, उचित गहराई और वैज्ञानिक तरीके से बुवाई करने पर मजबूत पौधे तैयार होते हैं। किसानों को अपनी जमीन की स्थिति के हिसाब से सही तरीका चुनना चाहिए। सही समय और सही बुवाई तकनीक से गन्ना उत्पादन को मजबूती मिलेगी और किसानों को बेहतर फायदा मिल सकेगा।