
बलरामपुर के जिला मेमोरियल अस्पताल में मरीजों और उनके साथ आए लोगों की सुरक्षा के लिए एक खास पहल की गई है। अस्पताल प्रशासन ने क्वालिटी एश्योरेंस के तहत मंगलवार दोपहर 2:30 बजे आग से बचाव का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें अधिकारी, डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी और दूसरे कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। इस ट्रेनिंग का मकसद आग लगने जैसी इमरजेंसी में बिना घबराए तुरंत और सुरक्षित तरीके से काम करना सिखाना था। ट्रेनिंग के दौरान कर्मचारियों को फायर एक्सटिंग्विशर (आग बुझाने वाले यंत्र) को चलाने और सही तरीके से इस्तेमाल करने के बारे में बताया गया। उन्हें सिखाया गया कि आग लगने की शुरुआत में कैसे इन उपकरणों का इस्तेमाल करके आग को फैलने से रोका जा सकता है। साथ ही, इमरजेंसी में क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिए और कैसे सुरक्षित तरीके से काम करना चाहिए, इसकी भी जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम की खास बात यह थी कि कर्मचारियों को आग बुझाने वाले यंत्र चलाने की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी गई। उन्हें सिखाया गया कि यंत्र को कैसे सही से पकड़ें, चलाएं और शुरुआत में ही आग पर कैसे काबू पाएं। इस ट्रेनिंग से कर्मचारियों की इमरजेंसी में प्रतिक्रिया देने की क्षमता, सतर्कता और आपसी तालमेल को मजबूत करने पर जोर दिया गया। ट्रेनिंग में बताया गया कि अस्पताल जैसे संवेदनशील जगह पर आग से बचाव बहुत जरूरी है। यहां एक साथ कई मरीज, उनके परिजन, डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहते हैं। ऐसे में किसी भी इमरजेंसी से निपटने के लिए कर्मचारियों का प्रशिक्षित और सतर्क रहना बहुत जरूरी है। अस्पताल प्रशासन क्वालिटी एश्योरेंस के तहत अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं देने के साथ-साथ मरीजों को सुरक्षित माहौल देने और सुरक्षा नियमों का ठीक से पालन करने पर खास ध्यान दे रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की नियमित प्रैक्टिकल ट्रेनिंग से अस्पताल का स्टाफ किसी भी इमरजेंसी में तुरंत, सावधानी से और अच्छे तालमेल के साथ काम कर पाएगा। इस ट्रेनिंग कार्यक्रम में जिला मेमोरियल अस्पताल के अधिकारी, डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी और दूसरे संबंधित कर्मचारी मौजूद थे।
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