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CWC बैठक: SIR प्रक्रिया पर भड़के खरगे, कांग्रेस ने रखीं पांच बड़ी मांगें

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नई दिल्ली। कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी ) की बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूचियों को लेकर चुनाव आयोग पर कई गंभीर सवाल उठाए। बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी बैठक में बुलाया गया।

खरगे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर रही है और मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने की प्रक्रिया पर पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग दोहराई।

मतदाता सूची को लेकर जताई चिंता
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि संविधान ने चुनाव आयोग को मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। उनके मुताबिक, किसी योग्य नागरिक का नाम बिना उचित प्रक्रिया के मतदाता सूची से नहीं हटना चाहिए। उन्होंने संविधान सभा में डॉ. भीमराव आंबेडकर की ओर से मताधिकार को लेकर व्यक्त विचारों का भी उल्लेख किया।

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खरगे ने SIR के अलावा नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में किए गए बदलाव का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे युवाओं के मताधिकार पर असर पड़ सकता है।

हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आरोपों पर कहा है कि SIR से संबंधित आदेश तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी के बाद जारी किए गए थे। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि फॉर्म-6 के मूल प्रारूप में बदलाव नहीं किया गया है, बल्कि SIR के तहत अतिरिक्त घोषणा से जुड़ा प्रावधान जोड़ा गया है।

राहुल गांधी के उठाए मुद्दों का भी जिक्र
खरगे ने बैठक में राहुल गांधी की ओर से मतदाता सूचियों को लेकर उठाए गए सवालों का भी उल्लेख किया। उन्होंने महादेवपुरा, अलंद, हरियाणा और महाराष्ट्र का जिक्र करते हुए डुप्लीकेट मतदाताओं, संदिग्ध पतों और एक ही पते पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम दर्ज होने जैसे मुद्दे उठाए।

खरगे ने कहा कि इन मामलों में समय रहते गंभीरता से कार्रवाई की जाती तो चुनाव आयोग को लेकर सवाल नहीं उठते।

कांग्रेस ने रखीं पांच प्रमुख मांगें
खरगे ने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस की पांच प्रमुख मांगें सामने रखीं। इनमें मतदाता सूची में बड़े बदलावों से जुड़ा पूरा डेटा सार्वजनिक करना, हटाए गए मतदाताओं को सूचना देकर अपील का अवसर देना और राजनीतिक दलों को जरूरी आंकड़े समय पर उपलब्ध कराना शामिल है।

इसके अलावा गंभीर विसंगतियों की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच तथा चुनाव प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़ों और फैसलों में अधिक पारदर्शिता की मांग भी कांग्रेस ने की।

‘लड़ाई मतदाताओं के अधिकार के लिए’
खरगे ने कहा कि कांग्रेस की लड़ाई किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि मतदाताओं के अधिकार, संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली ऐसी होनी चाहिए, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों भरोसा कर सकें।

उन्होंने आने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मतदाता अधिकारों के मुद्दे पर सक्रिय रहने का आह्वान किया। खरगे ने कहा कि हर योग्य नागरिक का वोट सुरक्षित रहना चाहिए और मतदाता सूची तथा चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

CEC को हटाने की मांग दोहराई
खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी दोहराई। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कई आरोप लगाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की। ये मांगें और आरोप खरगे की राजनीतिक स्थिति के रूप में सामने आए हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सरकारें और राजनीतिक दल बदलते रहते हैं, लेकिन संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था स्थायी संस्थाएं हैं। इसलिए मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा और चुनाव प्रक्रिया में विश्वास बनाए रखना जरूरी है।