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रामनगरा में तेंदुए को पकड़ने पिंजरे में बांधा बकरा:आहट से गांवों में सतर्कता बढ़ी, वन विभाग ने निगरानी तेज की

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बलरामपुर में इंसान और जंगली जानवरों के बीच टकराव रोकने के लिए वन विभाग ने निगरानी और जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। वन क्षेत्र से सटे और संवेदनशील गांवों में विभागीय टीमें सुबह और रात लगातार गश्त कर जंगली जानवरों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। इसी कड़ी में रामनगरा गांव में तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखते हुए उसे पकड़ने की कोशिश शुरू की गई है। पिंजरे में बांधा बकरा, आसपास लगातार निगरानी वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया है। इसमें बकरा बांधा गया है, ताकि तेंदुआ पिंजरे की ओर आकर्षित हो सके। टीम आसपास के इलाके में लगातार निगरानी कर रही है। खतरे को देखते हुए ग्रामीणों को भी सतर्क किया गया है। अधिकारियों ने अपील की है कि तेंदुआ दिखाई देने पर घबराएं नहीं और किसी तरह का जोखिम न उठाएं। तेंदुआ दिखे तो भीड़ न लगाएं, खुद पकड़ने की कोशिश न करें वन विभाग ने कहा कि तेंदुआ या कोई अन्य जंगली जानवर दिखाई देने पर उसके करीब जाना, भीड़ लगाना, घेरने या पकड़ने की कोशिश करना बेहद खतरनाक हो सकता है। ग्रामीणों से कहा गया है कि ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को सूचना दें। बच्चों और पालतू जानवरों की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। साथ ही रात में बेवजह अकेले बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। कौआ गांव में ग्रामीणों को बताए बचाव के तरीके कौआ गांव में भी वन विभाग की टीम ने जागरूकता अभियान चलाया। ग्रामीणों को जंगली जानवरों से बचाव के लिए क्या करें और क्या न करें, इसकी जानकारी दी गई। टीम ने ग्रामीणों से कहा कि जानवर दिखाई देने पर सुरक्षित दूरी बनाए रखें, घबराहट में कोई कदम न उठाएं और तत्काल वन विभाग की टीम को सूचना दें। संवेदनशील इलाकों में लगातार जारी रहेगा अभियान वन विभाग के मुताबिक, संवेदनशील इलाकों में निगरानी और जागरूकता अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग ने लोगों से अफवाहों से बचने, सतर्क रहने और जंगली जानवरों की गतिविधि की जानकारी तुरंत अधिकारियों को देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीणों के सहयोग और सतर्कता से इंसान और जंगली जानवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए टकराव की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

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