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फरेंदा से लड़ेंगे डॉ. निशान्त त्रिपाठी:चुनाव इंजीनियर प्रवीण निषाद से प्रेरित होकर निषाद पार्टी के उम्मीदवार हो सकते हैं, धनबल-बाहुबल को दी चुनौती

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डॉ. निशान्त त्रिपाठी ने फरेंदा विधानसभा क्षेत्र (315) से चुनाव मैदान में उतरकर राजनीति में धनबल और बाहुबल के असर को चुनौती दी है। उन्होंने साफ संदेश दिया है कि अब राजनीति में पढ़े-लिखे और सेवा-भाव से जुड़े युवाओं को लोग पसंद कर रहे हैं। फरेंदा विधानसभा क्षेत्र में अक्सर वंशवाद, धनबल और बाहुबल के दम पर राजनीति होती रही है। यहां कई वर्तमान और पूर्व विधायक अपनी मजबूत पकड़ बताते हैं। जब डॉ. निशान्त त्रिपाठी से पूछा गया कि वे इन बड़े नेताओं के सामने खुद को कहां पाते हैं, तो उनका जवाब साफ था। उन्होंने कहा, “ना मैं ठेकेदार हूं, ना मैं बाहुबली हूं। मैं एक पढ़ा-लिखा व्यक्ति हूं और अपनी शिक्षा के बल पर फरेंदा विधानसभा से चुनाव लड़ने आया हूं।” डॉ. त्रिपाठी का राजनीति में आना दूसरे उम्मीदवारों से काफी अलग है। उन्होंने पद या सत्ता के लालच की बजाय जनता की सेवा चुनी है। इंजीनियर प्रवीण निषाद की जनसेवा से प्रेरणा लेकर उन्होंने यह कदम उठाया है। उनके मुताबिक, वे एक ऊंचे पद पर थे, जहां उन्हें विधायक जैसी सारी सुविधाएं मिलती थीं। इसके बावजूद, उन्होंने जनता की भलाई और इलाके के विकास के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी। उनका मकसद जनता की सेवा करना और इलाके के हालात बदलना है। डॉ. निशान्त त्रिपाठी की यह उम्मीदवारी फरेंदा विधानसभा के वोटरों को एक नया विकल्प दे रही है। यह चुनाव अब सिर्फ धनबल और बाहुबल का नहीं, बल्कि ‘शिक्षा, नैतिकता और जनसेवा’ बनाम ‘रसूख’ का मुकाबला बन गया है। अगर वोटर जाति और पार्टी से ऊपर उठकर काबिलियत को चुनते हैं, तो यह इस इलाके की राजनीति में एक नई शुरुआत होगी।

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