श्रावस्ती जिले के जमुनहा ब्लॉक की भवनियापुर ग्राम पंचायत के द्वारिका गांव में लगी पानी की टंकी ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। आरोप है कि ऑपरेटर कभी-कभी ही पानी की सप्लाई करता है। इससे करीब 15 हजार की आबादी को साफ पानी नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत टंकी तो लगा दी गई है, लेकिन इसका संचालन ठीक से नहीं हो रहा है। सुबह-शाम नियमित पानी नहीं दिया जाता। जब मन करता है, तब सप्लाई दी जाती है। इससे लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि भीषण गर्मी और अब बारिश के मौसम में भी उन्हें हैंडपंप पर निर्भर रहना पड़ रहा है। महिलाओं को दूर से पानी लाना पड़ता है। कई बार शिकायत करने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि द्वारिका गांव की पानी टंकी से सुबह-शाम नियमित रूप से पानी की सप्लाई सुनिश्चित की जाए। ग्राम प्रधान असरार आलम ने बताया कि ऑपरेटर बहुत लापरवाह है और बात सुनने को तैयार नहीं होता। शिकायत करने पर वह फोन भी नहीं उठाता। उसे बदलने की तैयारी चल रही है। उन्होंने यह भी बताया कि पानी की सप्लाई के संचालन और मरम्मत के लिए बीटिल नाम की संस्था से करार हुआ था। लेकिन, संस्था के लोग काम नहीं कर रहे हैं। प्रधान के अनुसार, ऐसा लगता है कि यह करार सिर्फ पैसा निकालने के लिए किया गया था।
द्वारिका में पानी की टंकी बनी शोपीस:15 हजार की आबादी परेशान, ऑपरेटर की लापरवाही से नहीं मिल रही नियमित सप्लाई
श्रावस्ती जिले के जमुनहा ब्लॉक की भवनियापुर ग्राम पंचायत के द्वारिका गांव में लगी पानी की टंकी ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। आरोप है कि ऑपरेटर कभी-कभी ही पानी की सप्लाई करता है। इससे करीब 15 हजार की आबादी को साफ पानी नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत टंकी तो लगा दी गई है, लेकिन इसका संचालन ठीक से नहीं हो रहा है। सुबह-शाम नियमित पानी नहीं दिया जाता। जब मन करता है, तब सप्लाई दी जाती है। इससे लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि भीषण गर्मी और अब बारिश के मौसम में भी उन्हें हैंडपंप पर निर्भर रहना पड़ रहा है। महिलाओं को दूर से पानी लाना पड़ता है। कई बार शिकायत करने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि द्वारिका गांव की पानी टंकी से सुबह-शाम नियमित रूप से पानी की सप्लाई सुनिश्चित की जाए। ग्राम प्रधान असरार आलम ने बताया कि ऑपरेटर बहुत लापरवाह है और बात सुनने को तैयार नहीं होता। शिकायत करने पर वह फोन भी नहीं उठाता। उसे बदलने की तैयारी चल रही है। उन्होंने यह भी बताया कि पानी की सप्लाई के संचालन और मरम्मत के लिए बीटिल नाम की संस्था से करार हुआ था। लेकिन, संस्था के लोग काम नहीं कर रहे हैं। प्रधान के अनुसार, ऐसा लगता है कि यह करार सिर्फ पैसा निकालने के लिए किया गया था।





































