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जरवल में बारिश ने खोली जल निकासी व्यवस्था की पोल:गलियों में भरा गंदा पानी, नालियों की सफाई पर सवाल; नागरिक ने बजट के इस्तेमाल पर उठाए सवाल

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जरवल कस्बे में हुई बारिश ने नगर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। बारिश के बाद कस्बे की कई गलियां और सड़कें पानी से भर गईं। हालात यह रहे कि नालियों का गंदा पानी भी सड़कों पर बहने लगा, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई। जलभराव के बाद अब नगर प्रशासन की कार्यप्रणाली और बरसात से पहले नालियों की सफाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। बारिश के बाद सड़कों पर भर गया पानी बारिश के बाद जरवल कस्बे के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। गलियों और सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों को आवागमन में दिक्कत हुई। कई स्थानों पर नालियों का गंदा पानी भी सड़क पर बहता दिखाई दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से हर बारिश में समस्या खड़ी हो जाती है। नालियों की सफाई समय से कराने की जरूरत स्थानीय नागरिक साहिबे आलम ने कहा कि बरसात शुरू होने से पहले नालियों और नालों की सफाई कराई जानी चाहिए थी। उनका कहना है कि उन्होंने गर्मियों में भी कस्बे की जल निकासी और नालियों की सफाई को लेकर शिकायत की थी। इसके बावजूद समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया। उनका आरोप है कि यदि नालियों की सफाई पहले हो जाती तो बारिश के बाद जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान साहिबे आलम के मुताबिक कस्बे में जल निकासी की समस्या को लेकर कई बार जिम्मेदारों को अवगत कराया गया। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। बारिश के बाद लोगों को एक बार फिर उसी समस्या का सामना करना पड़ा। नाला सफाई के बजट के इस्तेमाल पर आरोप साहिबे आलम ने आरोप लगाया कि नालों की सफाई के लिए आने वाले बजट का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं होता। उनका दावा है कि बजट को दूसरे कामों में लगा दिया जाता है, जिसका खामियाजा बरसात के दौरान कस्बे की जनता को भुगतना पड़ता है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने जिम्मेदार विभाग से नालों की सफाई के लिए निर्धारित धनराशि के इस्तेमाल की जांच कराने की मांग की। नगर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल जलभराव के बाद नगर प्रशासन की कार्यशैली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। साहिबे आलम का कहना है कि कस्बे की मूलभूत सुविधाओं को लेकर जिम्मेदारों को गंभीरता दिखानी चाहिए। उनके अनुसार नालियों की नियमित सफाई और जल निकासी व्यवस्था की निगरानी नहीं होने के कारण समस्या बार-बार सामने आती है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में ऐसी स्थिति से लोगों को काफी परेशानी होती है। नगर अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर भी सवाल साहिबे आलम ने नगर अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कस्बे की जरूरी समस्याओं के समाधान के लिए अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। उन्होंने प्रशासन से जल निकासी व्यवस्था की समीक्षा कराने, नालियों और नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने तथा शिकायतों पर समय से कार्रवाई की मांग की। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात में जलभराव की समस्या से स्थायी राहत के लिए केवल बारिश के बाद पानी निकालना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पहले से प्रभावी जल निकासी व्यवस्था तैयार करनी होगी।

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