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‘एक देश, एक चुनाव’ पर मंथन तेज, संसदीय समिति के सामने पेश हुए देश के दिग्गज अर्थशास्त्री

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पीटीआई, नई दिल्ली। लोकसभा, विधानसभाओं और स्थानीय निकायों के चुनाव एक साथ कराने के प्रस्ताव से जुड़े विधेयकों की जांच कर रही संसदीय समिति के सामने शुक्रवार को कई प्रमुख अर्थशास्त्री पेश हुए और उन्होंने अपने “महत्वपूर्ण सुझाव” दिए।

संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 पर गठित संयुक्त समिति के अध्यक्ष और भाजपा सांसद पीपी चौधरी ने बताया कि अर्थशास्त्रियों में एस.गुरुमूर्ति और शमिका रवि समेत अन्य लोग शामिल थे। चौधरी ने कहा,”प्रमुख अर्थशास्त्री हितधारकों के रूप में समिति के सामने पेश हुए। मेरा मानना है कि उनके सुझाव महत्वपूर्ण होंगे।”

ये विधेयक दिसंबर 2024 में लोकसभा में पेश किए गए थे। इसके बाद इन्हें जांच और सुझावों के लिए संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजा गया।

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली समिति की चरणबद्ध तरीके से लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकायों के चुनाव एक साथ कराने की सिफारिश के बाद ये विधेयक तैयार किए गए। कोविंद की अध्यक्षता वाली समिति में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी सदस्य थे।

मारपीट रोकने पर ढाबे के कारीगर पर डाला था खौलता-तेल:श्रावस्ती में गंभीर हालत में रेफर, 3 नामजद समेत 10-15 अज्ञात पर FIR

श्रावस्ती के भिनगा कोतवाली क्षेत्र में मारपीट रोकने की कोशिश करने पर हमलावरों ने ढाबे के कारीगर पर कड़ाही में खौलता करीब तीन लीटर तेल डाल दिया। इससे कारीगर पंचराम सोनी (28) गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें संयुक्त जिला अस्पताल भिनगा में भर्ती कराया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। पुलिस ने ढाबा संचालक की तहरीर पर तीन नामजद समेत 10 से 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। घटना सिविल लाइन स्थित निषाद राज ढाबे की है। ढाबा प्रबंधक रामदुलारे निषाद निवासी पटना खरगौरा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह पिछले 10-12 साल से ढाबे का प्रबंधन कर रहे हैं। 28 अक्टूबर की रात करीब 9:45 बजे कुछ ग्राहक ढाबे पर खाना खा रहे थे। मारपीट रोकने पहुंचे कारीगर पर डाला तेल शिकायत के मुताबिक, जगन्नाथ निषाद, सिद्धनाथ निषाद पुत्र आशाराम निषाद और धक्कड़ी उर्फ नीतीश पुत्र राजेंद्र निषाद निवासी सिसवा, 10 से 15 अज्ञात लोगों के साथ ढाबे पर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने वहां मौजूद अनुराग शुक्ला, सतीश शुक्ला और अजीत मिश्रा के साथ मारपीट शुरू कर दी। ढाबे में मुख्य कारीगर के रूप में काम करने वाले पंचराम सोनी, पुत्र रघुनाथ सोनी निवासी पटना खरगौरा ने विवाद शांत कराने और मारपीट रोकने की कोशिश की। आरोप है कि इससे नाराज हमलावरों ने कड़ाही में खौलता तेल उन पर उड़ेल दिया। इससे वह गंभीर रूप से झुलसकर मौके पर बेहोश हो गए। इसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। तीन नामजद समेत 10-15 अज्ञात पर केस रामदुलारे निषाद की तहरीर पर पुलिस ने जगन्नाथ निषाद, सिद्धनाथ निषाद और धक्कड़ी उर्फ नीतीश सहित 10 से 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।

पान मसाला विज्ञापन में फंसे अजय देवगन, बॉम्बे हाईकोर्ट से मांगी राहत; याचिका दायर कर नोटिस को बताया गलत

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पीटीआई, मुंबई। अभिनेता अजय देवगन ने ‘विमल इलायची’ मामले में महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) द्वारा उन्हें जारी किए गए ‘कारण बताओ नोटिस’ को चुनौती देते हुए बांबे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। एफडीए ने इलायची के विज्ञापनों में नजर आने को लेकर अजय को नोटिस जारी किया है।

याचिका में कहा गया है कि निर्माता कंपनी के बजाय उन्हें मनमाने ढंग से नोटिस जारी किया गया। मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की खंडपीठ चार नवंबर को इस मामले की सुनवाई कर सकती है।

एफडीए ने नोटिस में कहा था कि इलायची के विज्ञापन के जरिये महाराष्ट्र में प्रतिबंधित पान मसाला का परोक्ष प्रचार किया गया। विज्ञापनों में नजर आए अभिनेता शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ को भी इसी तरह के नोटिस जारी किए गए थे।

इससे एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा कि नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर शाहरुख, अजय और टाइगर के खिलाफ एफडीए ने जांच पूरी कर ली है और नियमों का उल्लंघन पाया है।

अगले सप्ताह मामले को फैसले के लिए संबंधित अधिकारी के पास भेजा जाएगा। अजय के हाई कोर्ट जाने के बावजूद विभाग अपनी कार्रवाई जारी रखेगा।

महराजगंज में युवाओं को नशे से दूर रखने का अभियान:60 दिनों तक तंबाकू, नशीले पदार्थों के नुकसान बताए जाएंगे

महराजगंज जिले में युवाओं को तंबाकू और नशे से दूर रखने के लिए ‘युवा 4.0’ अभियान चलाया जाएगा। यह जागरूकता अभियान 60 दिनों तक चलेगा। इसमें युवाओं को नशे के नुकसान बताकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
अभियान के तहत तंबाकू, गुटखा, सिगरेट और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं की जानकारी दी जाएगी। कम उम्र में नशा शुरू करने से युवाओं के स्वास्थ्य, पढ़ाई और भविष्य पर असर पड़ सकता है।
युवाओं को तंबाकू सेवन से होने वाली बीमारियों, कैंसर और हृदय रोग के बारे में बताया जाएगा। साथ ही, नशे की लत से बचने और नशा करने वालों को जागरूक करने पर जोर दिया जाएगा।
नोडल अधिकारी डॉ. केपी सिंह ने बताया कि ‘युवा 4.0’ अभियान 60 दिनों तक चलेगा। इसका उद्देश्य युवाओं को तंबाकू और नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता जरूरी है।

अल्ट्रासाउंड मशीन चोरी का 25 हजार का इनामी आरोपी गिरफ्तार:कप्तानगंज पुलिस ने चोरी का लैपटॉप, जियो मोबाइल और 700 रुपए बरामद किए

बस्ती में कप्तानगंज पुलिस ने अल्ट्रासाउंड मशीन और अन्य उपकरण चोरी के मामले में वांछित 25 हजार रुपए के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से चोरी का लैपटॉप, एक जियो मोबाइल और 700 रुपए नकद बरामद किए।
पुलिस के मुताबिक, 23 सितंबर 2026 को कप्तानगंज कस्बे के सत्या पैथोलॉजी सेंटर का ताला तोड़कर अल्ट्रासाउंड मशीन और अन्य उपकरण चोरी किए गए थे। इस मामले में थाना कप्तानगंज में मुकदमा संख्या 257/2026 दर्ज किया गया था। पुलिस ने बीएनएस की धारा 331(4) और 305(ए) के तहत केस दर्ज किया था।
पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत आरोपी को गिरफ्तार किया गया। 30 अक्टूबर की रात करीब 1:30 बजे थाना कप्तानगंज पुलिस ने थाना छावनी इलाके में ब्लॉक के आगे सर्विस लेन हाईवे ओवरब्रिज के पास से उसे पकड़ा।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अर्जुन उर्फ विकास उर्फ विशाल भट्ट के रूप में हुई है। वह चरथी कथिक, थाना छावनी, जिला बस्ती का निवासी है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ कप्तानगंज और लखनऊ के चौक थाने समेत अलग-अलग थानों में केस दर्ज हैं। मामले में पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष आलोक कुमार श्रीवास्तव, उपनिरीक्षक अनिल त्रिपाठी, रविन्द्र यादव, प्रहलाद यादव और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।

स्वदेशी परमाणु घड़ी के साथ इसरो के NVS-03 की सफल लॉन्चिंग, नेविगेशन उपग्रह कक्षा में स्थापित

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डिजिटल डेस्क, श्रीहरिकोटा। मोबाइल पर रास्ता तलाशने से लेकर विमानों और जहाजों की दिशा निर्धारित करने तक दुनिया में सेटेलाइट नेविगेशन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

नेविगेशन के क्षेत्र में विदेशी जीपीएस पर निर्भरता कम करने और अपनी रणनीतिक जरूरतों के लिए भारत अपने स्वदेशी नेविगेशन सिस्टम ‘नाविक’ (नेविगेशन विद इंडियन कान्स्टेलेशन) को मजबूत कर रहा है। इसी कड़ी में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अगली पीढ़ी के नेविगेशन उपग्रह एनवीएस-03 को शुक्रवार रात 11 बजकर 51 मिनट पर लॉन्च करेगा।

श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लॉन्च पैड से जीएसएलवी-एफ18 रॉकेट उड़ान भरेगा और एनवीएस-03 को भू-समकालिक स्थानांतरण कक्षा (जीटीओ) में स्थापित करेगा।

एनवीएस-03 की सफल लॉन्चग के साथ स्वदेशी ‘नाविक’ बेहद शक्तिशाली और सटीक हो जाएगा। आम लोगों के उपयोग के लिए अपना नेविगेशन सिस्टम हो जाएगा। इसकी सटीकता जीपीएस से अधिक होगी।

यह उपग्रह एल1, एल5 और एस बैंड में सिग्नल प्रसारित करेगा। अब तक नाविक मुख्य रूप से एल5 और एस बैंड पर काम करता था। अब एल1 सिग्नल को भी जोड़ा गया है। यह वही फ्रीक्वेंसी है जिसका इस्तेमाल दुनियाभर के स्मार्टफोन, स्मार्टवाच और स्मार्ट वियरेबल उपकरणों में किया जाता है। इससे आम लोग भी स्वदेशी नेविगेशन का आसानी से उपयोग कर सकेंगे।

एनवीएस-03 स्वदेशी रुबिडियम एटामिक क्लाक से लैस है। इसे इसरो के अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र ने विकसित किया है। सेटेलाइट नेविगेशन में समय की अत्यधिक सटीक गणना महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि उपग्रहों से प्राप्त सिग्नल के समय के अंतर के आधार पर ही किसी स्थान की स्थिति का पता लगाया जाता है।

भारत के नाविक को अमेरिका के जीपीएस की तरह उपग्रहों के माध्यम से लोकेशन, नेविगेशन और समय संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए विकसित किया गया है। इसका कवरेज भारत और इसकी सीमाओं से लगभग 1,500 किलोमीटर तक के क्षेत्र में है। इसका उपयोग सड़क और समुद्री परिवहन, विमानन, आपदा प्रबंधन तथा अन्य नागरिक और रणनीतिक गतिविधियों में किया जा सकता है।

किसी देश के पास अपनी नेविगेशन प्रणाली होना केवल तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि रणनीतिक जरूरत भी है। इससे महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए विदेशी प्रणालियों पर निर्भरता कम करने और राष्ट्रीय जरूरतों के अनुरूप स्वतंत्र तकनीकी क्षमता विकसित करने में मदद मिलती है।

एनवीएस-02 की तकनीकी खामी के बाद लिया सबक

इस मिशन में पिछले अनुभवों से मिली सीख के आधार पर तकनीकी बदलाव भी किए गए हैं। जनवरी 2025 में एनवीएस-02 मिशन के दौरान कनेक्टर में खराबी के कारण उपग्रह की प्रणोदन प्रणाली अपेक्षित तरीके से काम नहीं कर सकी थी। इसके परिणामस्वरूप उपग्रह को निर्धारित अंतिम कक्षा तक पहुंचाने में कठिनाई आई थी। इस समस्या से बचने के लिए एनवीएस-03 में विशेष इंजीनियरिंग व्यवस्था अपनाई गई है।

अंतरिक्ष एजेंसी जीएसएलवी एमके II के प्रदर्शन पर बारीकी से नज़र रखेगी ताकि रॉकेट सफल उड़ान भर सके और उस पर लगे ‘नाटी ब्वाय’ के ठप्पे को हटाया जा सके, जो इसके क्रायोजेनिक तीसरे चरण की जटिलताओं की वजह से इसे मिला था।

गौरतलब है कि जिस जीएसएलवी-एफ 18 रॉकेट से लॉन्चग हो रही है, वह जीएसएलवी की 20वीं उड़ान है। शुरुआत में क्रायोजेनिक इंजन तकनीक को साधने में इस रॉकेट को कई असफलताओं का सामना करना पड़ा था, जिसके कारण इसे मजाकिया लहजे में ‘नाटी ब्वाय’ कहा जाता है।

(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

जमुनहा में वकीलों ने तहसील के सामने जाम लगाया:एसडीएम के आश्वासन पर प्रदर्शन खत्म, राज्यपाल को ज्ञापन भेजा; 12 अक्टूबर से रजिस्ट्री और राजस्व न्यायालयों का बहिष्कार

श्रावस्ती की जमुनहा तहसील में बैनामा (रजिस्ट्री) के निजीकरण और राजस्व न्यायालयों में वकीलों की भूमिका खत्म करने के शासन के आदेश के विरोध में अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। न्यू मॉडर्न बार एसोसिएशन के नेतृत्व में वकीलों ने काम का बहिष्कार जारी रखा। प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने तहसील के गेट नंबर एक के सामने जमुनहा-बहराइच मार्ग पर जाम लगाया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। प्रदर्शनकारियों ने एंबुलेंस समेत आपातकालीन सेवाओं को रास्ता दिया। न्यू मॉडर्न बार एसोसिएशन के मुताबिक, अधिवक्ता 12 अक्टूबर से रजिस्ट्री के काम और राजस्व न्यायालयों की सुनवाई का बहिष्कार कर रहे हैं। वकीलों का कहना है कि आंदोलन के बावजूद सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। जाम की सूचना पर मल्हीपुर पुलिस और जमुनहा के एसडीएम मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने वकीलों से बात की और आश्वासन दिया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने धरना-प्रदर्शन खत्म कर दिया। प्रदर्शन के बाद वकीलों ने एसडीएम के जरिए राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। इसमें रजिस्ट्री के निजीकरण और राजस्व न्यायालयों में अधिवक्ताओं की भूमिका खत्म करने से जुड़े नए कानून और आदेश वापस लेने की मांग की गई। वकीलों ने कहा कि वादकारियों को सुलभ और सस्ता न्याय मिलना चाहिए। प्रदर्शन में एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्य नारायण यादव, महामंत्री जितेंद्र कुमार भारती और कोषाध्यक्ष प्रहलाद यादव समेत कई अधिवक्ता मौजूद रहे

जनगणना 2027 की तारीखों का एलान, 25 जनवरी से 28 फरवरी तक होगी गणना; यूपी समेत चुनावी राज्यों में फिलहाल छूट

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देशभर में जनगणना 2027 का कार्य 25 जनवरी से 28 फरवरी तक कराया जाएगा। हालांकि, चुनाव वाले राज्यों और बर्फबारी से प्रभावित क्षेत्रों को इस कार्यक्रम से अलग रखा गया है।

भारत के जनगणना आयुक्त ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की। आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, जनगणना के लिए संदर्भ तिथि एक मार्च 2027 की रात 12 बजे निर्धारित की गई है।

भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि मणिपुर (अगली घोषणा तक), गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर के बर्फबारी प्रभावित क्षेत्रों को छोड़कर सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में निर्धारित अवधि के दौरान जनगणना कराई जाएगी।

जनगणना का पुनरीक्षण चरण एक मार्च से पांच मार्च 2027 तक चलेगा। इसके अलावा, लोगों को स्व-गणना यानी खुद अपनी जानकारी दर्ज कराने का विकल्प भी दिया जाएगा। यह सुविधा 10 जनवरी से 24 जनवरी 2027 तक उपलब्ध रहेगी। इसके बाद घर-घर जाकर जनसंख्या की गणना की प्रक्रिया शुरू होगी।

सोर्स- न्यूज एजेंसी PTI के इनपुट के अनुसार

पनियरा में अर्नब तूफान से धान की फसल गिरी:तेज हवाओं और बारिश से गेहूं की बुवाई में देरी, किसान परेशान

चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के असर से पनियरा क्षेत्र में शुक्रवार सुबह से ही लगातार तेज हवाओं के साथ रुक-रुक कर हो रही बारिश ने अन्नदाताओं की रातों की नींद उड़ा दी है। मौसम के इस अचानक बिगड़े मिजाज ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेरना शुरू कर दिया है। खेतों में धान की पकी हुई फसलें लहलहा रही हैं, लेकिन कटाई के मुहाने पर आई इस विपदा ने किसानों के चेहरों पर शिकस्त दे दी है। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि वर्तमान में धान की कटाई का मुख्य समय चल रहा है, लेकिन अभी बमुश्किल 2% फसल ही खेतों से कटकर घर या खलिहान तक पहुंच पाई है। अधिकांश इलाकों में धान की फसलें अभी खेतों में ही खड़ी हैं। लगातार चल रही ठंडी और तेज हवाओं के कारण खेतों में भारी भरकम बालियों से लदे धान के पौधे जमीन पर बिछने लगे हैं, जिससे उत्पादन पर भारी असर पड़ने की पूरी आशंका है। क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों—गणेश प्रजापति, प्रदीप यादव, सुरेंद्र यादव, राजेंद्र चौरसिया, सुनील चौधरी और अखिलेश जायसवाल ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि यदि यह बारिश और हवाएं कुछ दिन और थमने का नाम नहीं लेंगी, तो किसानों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ेगी। हवा और पानी के मेल से धान के दाने काले पड़ने लगे हैं और खेतों में जलभराव होने से बालियां सड़ने का खतरा भी पैदा हो गया है। इस बेमौसम बारिश और चक्रवाती तूफान ने केवल धान को ही नहीं, बल्कि आगामी रबी की फसल को भी संकट में डाल दिया है। धान की कटाई लेट होने के कारण किसानों को खेतों की समय पर जुताई और गेहूं की बुवाई पिछड़ने का भी डर सता रहा है। यदि खेत समय पर खाली नहीं हुए, तो रबी की फसलों का चक्र भी पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा।

हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा:बस्ती कोर्ट ने 18 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया; परसरामपुर थाने में 2025 में दर्ज हुआ था केस

ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पैरवी सेल और परसरामपुर पुलिस की पैरवी के बाद बस्ती जिला एवं सत्र न्यायालय ने हत्या के आरोपी गोपी शर्मा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने उस पर 18 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। फैसला 30 अक्टूबर 2026 को सुनाया गया।
गोपी शर्मा, पित्तरदीन का बेटा है और बस्ती जिले के परसरामपुर थाना क्षेत्र के निपनिया गांव का रहने वाला है। उसके खिलाफ 25 अप्रैल 2025 को परसरामपुर थाने में केस दर्ज किया गया था।
पुलिस के मुताबिक, केस वादी की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 351(2) के तहत दर्ज हुआ था। जांच पूरी होने के बाद विवेचक ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया।
पुलिस अधीक्षक बस्ती के निर्देशन में पैरवी सेल और परसरामपुर पुलिस ने मामले की पैरवी की।