BREAKING
खबरें लोड हो रही हैं...
Home उत्तर प्रदेश बेटी के जन्म पर डीजे की धुन पर झूमे परिजन:बस्ती में आतिशबाजी...

बेटी के जन्म पर डीजे की धुन पर झूमे परिजन:बस्ती में आतिशबाजी कर मनाया जश्न, अमोढ़ा में घर पहुंची नन्ही बेटी का शानदार स्वागत

0
0

अमोढ़ा कस्बे में बेटी के जन्म पर एक परिवार ने ऐसा जश्न मनाया कि पूरा इलाका खुशी में शामिल हो गया। अस्पताल से बेटी को घर लाने के दौरान परिवार के लोग खुशी से झूमते नजर आए। घर पहुंचते ही नन्ही बेटी का शानदार तरीके से स्वागत किया गया। इस दौरान डीजे की धुन पर परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों ने जमकर डांस किया। खुशी में आतिशबाजी की गई और मिठाइयां बांटकर लोगों का मुंह मीठा कराया गया। देखें जश्न से जुड़ी कुछ तस्वीरें बेटी के घर पहुंचते ही शुरू हुआ जश्न अस्पताल से बेटी को घर लाने के बाद परिवार ने खुशी मनाने की तैयारी पहले से कर रखी थी। जैसे ही नन्ही बेटी घर पहुंची, परिवार के लोगों ने उसका उत्साह के साथ स्वागत किया। घर के बाहर खुशी का माहौल देखते ही आसपास के लोग भी वहां जुटने लगे। हर तरफ बेटी के जन्म की खुशी दिखाई दे रही थी। डीजे की धुन पर जमकर नाचे परिजन बेटी के स्वागत के दौरान डीजे पर गाने बजाए गए। परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों ने डीजे की धुन पर जमकर डांस किया। खुशी के इस मौके पर लोग एक-दूसरे को बधाई देते नजर आए। जश्न में आसपास के लोग भी शामिल हुए और परिवार की खुशी में अपनी खुशी जताई। आतिशबाजी कर बांटी मिठाइयां बेटी के जन्म की खुशी में परिवार ने आतिशबाजी भी की। इसके बाद लोगों के बीच मिठाइयां बांटी गईं। परिवार का कहना था कि बेटी का जन्म उनके लिए किसी बड़ी खुशी से कम नहीं है। इस मौके को यादगार बनाने के लिए उन्होंने बेटी के घर आने पर विशेष स्वागत किया। पूरे इलाके में चर्चा में रहा जश्न बेटी के जन्म पर आयोजित यह जश्न अमोढ़ा कस्बे में चर्चा का विषय बना रहा। परिवार के इस कदम की स्थानीय लोगों ने सराहना की। लोगों का कहना है कि बेटी के जन्म को इसी तरह खुशी और उत्सव के रूप में मनाने से समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा मिलेगा। बेटियां हर क्षेत्र में बढ़ा रही परिवार का मान इस मौके पर लोगों ने कहा कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से पीछे नहीं हैं। शिक्षा से लेकर देशसेवा और समाजसेवा तक बेटियां अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। बेटियां अपने परिवार के साथ देश का नाम भी रोशन कर रही हैं। इसलिए बेटी के जन्म को बोझ नहीं, बल्कि खुशी और गर्व के अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। ‘बेटी है तो कल है’ का दिया संदेश परिवार ने बेटी के जन्म पर जश्न मनाकर समाज को ‘बेटी है तो कल है’ का संदेश दिया। लोगों ने कहा कि बेटियों के जन्म पर इसी तरह खुशी मनाई जानी चाहिए, ताकि समाज में बेटियों को लेकर सकारात्मक माहौल बने। अमोढ़ा में आयोजित यह छोटा-सा उत्सव बेटियों के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य का बड़ा संदेश दे गया।