महराजगंज जिला मुख्यालय पर जनहित किसान पार्टी का धरना शनिवार को आठवें दिन भी जारी रहा। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्यामसुंदर दास लगातार चौथे दिन भूख हड़ताल पर बैठे रहे। प्रशासन की ओर से सदर तहसीलदार पंकज कुमार शाही धरना स्थल पर पहुंचे और भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही। पार्टी ने किसानों और आम लोगों से जुड़ी कई समस्याओं के समाधान की मांग उठाई है। आठवें दिन भी जारी रहा धरना जनहित किसान पार्टी की ओर से विभिन्न जनसमस्याओं और किसानों के मुद्दों को लेकर जिला मुख्यालय पर धरना दिया जा रहा है। शनिवार को आंदोलन का आठवां दिन रहा। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्यामसुंदर दास चौथे दिन भी भूख हड़ताल पर बैठे रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। तहसीलदार ने भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की धरना स्थल पर सदर तहसीलदार पंकज कुमार शाही पहुंचे। उन्होंने श्यामसुंदर दास से बातचीत की और भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की। हालांकि, पार्टी की ओर से कहा गया कि केवल आश्वासन से आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक धरना और भूख हड़ताल जारी रखने की बात कही। दिव्यांग बच्ची के लिए मदद और रोजगार की मांग पार्टी ने पनियरा क्षेत्र के खजूरिया गांव की एक दिव्यांग बच्ची को मदद और रोजगार उपलब्ध कराने की मांग उठाई है। इसके साथ ही श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के बसहिया बुजुर्ग में स्वर्गीय जनार्दन प्रसाद की पट्टे की जमीन से कब्जा हटाने की मांग भी धरने में शामिल है। हत्या के मुकदमे और किसान परिवार को आर्थिक मदद की मांग फरेंदा क्षेत्र के परसाबेनी में एक किसान महिला के बेटे की हत्या के मामले में मुकदमा दर्ज कराने और परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग भी पार्टी ने उठाई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पीड़ित परिवार को न्याय के साथ आर्थिक सहयोग भी मिलना चाहिए। फसल मुआवजे और गन्ना भुगतान का मुद्दा पार्टी ने बाढ़ से खराब हुई फसलों का उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। इसके अलावा चीनी मिलों पर किसानों के बकाये का भुगतान कराने की मांग भी उठाई गई है। प्रदर्शनकारियों ने किसान हित से जुड़े इन मुद्दों पर प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग की। अस्पतालों में बाहर की दवाएं लिखने पर रोक की मांग धरने में जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों द्वारा बाहर की दवाएं लिखे जाने पर रोक लगाने की मांग भी शामिल है। पार्टी का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को दवाओं के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ न उठाना पड़े। धरना स्थल पर रामबचन चौरसिया, रेशमा वर्मा, नवल कुमार, उमेशचंद्र निषाद, छेदी प्रसाद यादव, राजकिशोर सिंह और कवि शंकर पाण्डेय समेत कई लोग मौजूद रहे।
दैनिक भास्कर की खबर का असर:महिला डॉक्टर के वायरल वीडियो पर...
बस्ती के परशुरामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ी महिला चिकित्सा अधिकारी के वायरल वीडियो को लेकर प्रकाशित खबर का स्वास्थ्य विभाग ने संज्ञान लिया...








































