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UP: सहारनपुर लोक अदालत में 17 हजार से अधिक नोटिस तामील, मामलों के निस्तारण की बड़ी तैयारी

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UP: सहारनपुर जिला न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें अपने मामलों के निस्तारण की उम्मीद लेकर दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में वादकारी पहुंचे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य लोगों को शीघ्र, सस्ता और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना रहा। जिला जज सत्येंद्र कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर लोक अदालत आयोजित की गई है।

समझौते के जरिए मामलों के निस्तारण पर जोर

लोक अदालत में उन मामलों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिनका कानूनी रूप से आपसी सुलह-समझौते के आधार पर समाधान संभव है। अधिकारियों के अनुसार, मोटर वाहन दुर्घटना से जुड़े मामले, श्रम कानून, दिवानी वाद समेत विभिन्न प्रकरणों का निस्तारण कराने का प्रयास किया जा रहा है। लक्ष्य है कि अधिक से अधिक वादकारियों को लोक अदालत के माध्यम से त्वरित राहत मिल सके।

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पिछली लोक अदालत में 4.50 लाख मामले निपटे

अपर जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े अधिकारी आशुतोष तिवारी ने बताया कि पिछली राष्ट्रीय लोक अदालत में करीब 22 हजार न्यायिक मुकदमों का निस्तारण हुआ था। प्री-लिटिगेशन और लंबित मामलों को मिलाकर लगभग 4.50 लाख से अधिक प्रकरणों का समाधान किया गया था। इस दौरान करीब 62 करोड़ रुपये की रिकवरी भी हुई थी। इस बार पिछली उपलब्धि से अधिक मामलों के निस्तारण का लक्ष्य तय किया गया है।

17 हजार से अधिक नोटिसों की कराई गई तामील

आशुतोष तिवारी ने बताया कि इस बार लोक अदालत को लेकर पहले से व्यापक तैयारियां की गई हैं। इसके तहत करीब 17 हजार से अधिक नोटिसों की तामील कराई जा चुकी है। साथ ही बैंकों से अपील की गई है कि नियमानुसार पात्र लोगों को अधिकतम राहत दी जाए। विशेष रूप से ब्याज में छूट और निर्धारित मानकों के तहत रियायत देने पर जोर दिया जा रहा है।

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पारिवारिक और संपत्ति विवादों पर भी फोकस

लोक अदालत में पारिवारिक विवाद, संपत्ति संबंधी मामले और बंटवारे से जुड़े प्रकरण भी आपसी सहमति से निपटाने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि लोक अदालत के जरिए विवादों का कम समय और कम खर्च में समाधान संभव है। उम्मीद जताई गई है कि इस बार भी बड़ी संख्या में वादकारी इसका लाभ उठाएंगे।

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