नई दिल्ली। 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पूर्व आयोजित ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक व्यापार और आर्थिक सहयोग को लेकर भारत का दृष्टिकोण स्पष्ट किया। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि जहां एक ओर दुनिया भर में व्यापारिक बाधाएं बढ़ रही हैं, वहीं भारत विभिन्न देशों के साथ आर्थिक पुल तैयार कर रहा है। वर्ष 2014 से अब तक भारत लगभग 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) कर चुका है।
भारत की आर्थिक नीतियां और लचीलापन
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’ है। पिछले 12 वर्षों से इसी मंत्र को देश की आर्थिक नीतियों की नींव बनाया गया है:
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विविध आपूर्ति श्रृंखलाएं: ऊर्जा से लेकर तकनीक तक के क्षेत्रों में आपूर्ति श्रृंखलाओं को अधिक भरोसेमंद और विविध बनाया गया है।
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रणनीतिक क्षमताएं: देश में सड़क, रेलवे, बंदरगाहों और हवाई अड्डों के साथ-साथ जहाज निर्माण, सेमीकंडक्टर, क्वांटम तकनीक, महत्वपूर्ण खनिज और जैव प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में तेजी से क्षमताएं विकसित की जा रही हैं।
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डिजिटल बुनियादी ढांचा: यूपीआई (UPI) के माध्यम से भारत ने वित्तीय समावेशन को नई गति दी है, और आज वैश्विक स्तर पर होने वाले कुल रियल-टाइम डिजिटल भुगतानों में से 50 प्रतिशत अकेले यूपीआई के जरिए होते हैं।
ब्रिक्स सहयोग और नई पहल
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में कृषि, स्वास्थ्य, कौशल और स्मार्ट ग्रिड जैसे क्षेत्रों में नए सहयोग नेटवर्क स्थापित किए गए हैं। स्टार्टअप और एमएसएमई (MSME) को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं:
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ब्रिक्स इन्क्यूबेटर नेटवर्क
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ब्रिक्स एमएसएमई पोर्टल
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ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड
उन्होंने कहा कि सदस्य देश इन ढांचों का उपयोग आपसी निवेश और प्रतिभाओं के आदान-प्रदान को बढ़ाने के लिए कर सकते हैं। इसके अलावा, उन्होंने महिला उद्यमियों को विकास गाथा का नेतृत्व करने पर जोर देते हुए बताया कि भारत में आयोजित ब्रिक्स महिला बिजनेस अलायंस की बैठक में करीब 200 महिला कारोबारी नेताओं ने हिस्सा लिया।



























