बस्ती में कप्तानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अनूप कुमार ने दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इन पर फर्जी दस्तावेज बनाने, धोखाधड़ी, धमकी देने और जातिसूचक गाली-गलौज समेत कई आरोप हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिन लोगों पर केस दर्ज हुआ है, उनमें गहई तिवारी कप्तानगंज निवासी शिवाजी पुत्री वंशराज तिवारी और मिश्रौलिया थाना कलवारी निवासी दुर्गेश नंदनी पत्नी राजेंद्र प्रसाद पांडेय शामिल हैं। डॉ. अनूप कुमार ने पुलिस को बताया कि शिवाजी ने सीएचसी कप्तानगंज में आशा संगिनी के तौर पर काम करने के लिए फर्जी दस्तावेज बनाए और उनका इस्तेमाल किया। शिकायत में कहा गया है कि इन दस्तावेजों में हेरफेर कर नियुक्ति को सही दिखाने की कोशिश की गई। चिकित्साधिकारी ने इन दस्तावेजों की जांच और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में यह भी आरोप है कि शिवाजी सीएचसी में डॉक्टरी काम को लेकर लगातार विवाद करती रही हैं। शिकायत के मुताबिक, चिकित्साधिकारी को धमकाया गया और उनके खिलाफ कई जगह शिकायतें भी की गईं। डॉ. अनूप कुमार ने बताया कि उन्हें काम करने से रोकने और दबाव बनाने की कोशिश की गई। मरीजों के इलाज और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में भी रुकावट डालने का आरोप है। एफआईआर में डॉ. अनूप कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर गाली दी गई। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्हें धमकी भी दी गई। शिकायत में कहा गया है कि आरोपियों की हरकतों के कारण वह डर और दहशत में काम कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इस मामले की जानकारी 21 सितंबर 2026 को दोपहर 3:20 बजे कप्तानगंज थाने को मिली थी। इसके बाद उसी दिन दोपहर 3:28 बजे एफआईआर दर्ज की गई। घटना स्थल सीएचसी कप्तानगंज बताया गया है।
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