बजमनगंज के शिकारगढ़ गांव में पुराने काली मंदिर तक जाने के लिए पक्का रास्ता नहीं है। इस वजह से श्रद्धालुओं और ग्रामीणों को काफी परेशानी होती है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के पूरब में स्थित काली मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र है। यहां हर दिन श्रद्धालु पूजा करने आते हैं। इसके बावजूद मंदिर तक जाने के लिए सही रास्ते की व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों के मुताबिक, मंदिर तक सड़क बनाने की मांग को लेकर मुख्य विकास अधिकारी महराजगंज और खंड विकास अधिकारी बृजमनगंज को लिखित शिकायत दी गई है। क्षेत्रीय विधायक और ग्राम प्रधान से भी कई बार रास्ता बनवाने की मांग की गई। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि अभी तक इस पर कोई काम नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के दिनों में मंदिर तक पहुंचना और मुश्किल हो जाता है। कीचड़ और खराब रास्ते की वजह से बुजुर्गों, महिलाओं और दूसरे श्रद्धालुओं को आने-जाने में परेशानी होती है। ग्रामीणों ने सवाल उठाए कि जब यह मंदिर आस्था का केंद्र है, तो यहां तक आसान रास्ता क्यों नहीं बनाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार धार्मिक और ऐतिहासिक जगहों के विकास पर ध्यान देती है। लेकिन स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार विभागों की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे वे निराश हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि काली मंदिर तक जल्द पक्का रास्ता बनाया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को आने-जाने में कोई परेशानी न हो। ग्रामीणों ने कहा कि अगर जल्द ही रास्ता बनाने का काम शुरू नहीं हुआ, तो वे अपनी मांग को अधिकारियों के सामने फिर उठाएंगे।




































