बारिश के बाद उमस बढ़ने और तापमान में बदलाव से मौसमी बीमारियों का असर बढ़ गया है। सिसवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की ओपीडी में मरीजों की भीड़ अचानक बढ़ गई है। पिछले एक हफ्ते से हर दिन सैकड़ों मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। इनमें ज्यादातर उल्टी-दस्त, बुखार और डिहाइड्रेशन की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। मंगलवार को भी सीएचसी की ओपीडी में मरीजों की भीड़ दिखी। रजिस्ट्रेशन से लेकर डॉक्टर की जांच तक लंबी लाइनें लगी थीं। मौसम में बदलाव का सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। कई मरीजों में कमजोरी, शरीर में पानी की कमी और बुखार के लक्षण दिख रहे हैं। ओपीडी में तैनात डॉ. राधेश्याम अग्रहरि ने बताया कि इन दिनों बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। उल्टी-दस्त और बुखार के मरीजों की संख्या ज्यादा है। मरीजों की जांच के बाद उनकी हालत के हिसाब से जरूरी दवाएं दी जा रही हैं। इमरजेंसी से निपटने के लिए डॉक्टर और अस्पतालकर्मी तैयार हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, बारिश के मौसम में गंदा पानी पीने, खुले में रखा खाना खाने और वातावरण में बढ़ी नमी संक्रमण का बड़ा कारण बन सकती है। लगातार बारिश के बाद उमस बढ़ने से शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट की कमी होने पर डिहाइड्रेशन का खतरा भी बढ़ जाता है। डॉक्टरों ने लोगों को साफ पानी पीने, ताजा खाना खाने और खुले में रखे खाने-पीने की चीजों से बचने की सलाह दी है। उल्टी-दस्त या तेज बुखार होने पर लापरवाही न करने और समय पर डॉक्टर की सलाह लेने की अपील की गई है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को इस मौसम में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।
डीयू कुलपति के कार्यक्रम में NSUI का विरोध, सत्य निकेतन हादसे...
दिल्ली| नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा आर्ट्स फैकल्टी में आयोजित एक समारोह में शिरकत करने पर तीखी...




































