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एसएसबी ने 10 युवतियों को दिया हुनर:फूड प्रोसेसिंग प्रशिक्षण का समापन कर प्रमाण-पत्र बांटे, ग्रामीणों से सीमा सुरक्षा में सहयोग मांगा

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एसएसबी ने 10 युवतियों को दिया हुनर:फूड प्रोसेसिंग प्रशिक्षण का समापन कर प्रमाण-पत्र बांटे, ग्रामीणों से सीमा सुरक्षा में सहयोग मांगा

श्रावस्ती में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने 10 युवतियों के लिए आयोजित फूड प्रोसेसिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का मंगलवार को समापन किया। डी समवाय, सुइयां में कमांडेंट अमरेन्द्र कुमार वरुण के निर्देश पर नागरिक कल्याण कार्यक्रम वर्ष 2026-27 के तहत यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया था। एसएसबी के मुताबिक, कार्यक्रम का उद्देश्य भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों को बढ़ावा देना है। अचार, पापड़ और जैम बनाने की दी ट्रेनिंग समापन समारोह के मुख्य अतिथि कार्यवाहक कमांडेंट ललेंद्र रत्नाकर रहे। प्रेरणा फाउंडेशन के प्रशिक्षक ने युवतियों को अचार, पापड़ और जैम समेत विभिन्न खाद्य पदार्थ बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान खाद्य पदार्थ तैयार करने में साफ-सफाई, गुणवत्ता बनाए रखने और उन्हें सुरक्षित तरीके से संरक्षित करने के बारे में भी जानकारी दी गई। प्रमाण-पत्र देकर स्वरोजगार के लिए किया प्रेरित समापन समारोह में कार्यवाहक कमांडेंट ने सभी प्रशिक्षित युवतियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए। उन्होंने युवतियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए प्रशिक्षण में सीखे हुनर का इस्तेमाल स्वरोजगार शुरू करने और आत्मनिर्भर बनने के लिए करने की अपील की। ग्राम प्रधानों के साथ सीमा सुरक्षा पर हुई बैठक प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद ग्राम प्रधानों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ ग्रामीण सुरक्षा समन्वय बैठक आयोजित की गई। इसमें सीमावर्ती गांवों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई। बैठक में सीमा क्षेत्र में होने वाली अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने और किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी समय रहते सुरक्षा बलों तक पहुंचाने पर भी चर्चा की गई। ‘सीमा सुरक्षा में ग्रामीणों की भूमिका अहम’ एसएसबी अधिकारियों ने ग्रामीणों और सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सीमा की सुरक्षा में स्थानीय ग्रामीणों की भूमिका महत्वपूर्ण है। ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों से सीमावर्ती क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की गई। एसएसबी के अनुसार, सीमावर्ती क्षेत्रों में नागरिक कल्याण कार्यक्रमों के जरिए युवाओं और महिलाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही ग्रामीणों के साथ समन्वय बढ़ाकर सीमा सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।