
लखनऊ। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के जनरल हॉस्पिटल का 42 वां स्थापना दिवस सोमवार को पहली बार मनाया गया। एसजीपीजीआई लखनऊ के जनरल हॉस्पिटल की नोडल अधिकारी डॉ. अंजू रानी ने बताया कि संस्थान की विकास यात्रा में जनरल हॉस्पिटल का विशेष स्थान है। यह संस्थान में प्रारंभिक क्लीनिकल सेवाओं का प्रमुख आधार रहा है। जनरल हॉस्पिटल में ही संस्थान की पहली सर्जिकल एवं स्त्री एवं प्रसूति संबंधी शल्य प्रक्रियाएं की गई थीं।संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रो. आर. के. धीमन, जो एसजीपीजीआई के प्रथम पूर्व छात्र हैं, ने अपने प्रारंभिक कार्यकाल में एंडोस्कोपी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया था गैस्ट्रोएंटरोलॉजी में सिग्मॉइडोस्कोपी सहित अनेक एंडोस्कोपिक प्रक्रियाएं कीं।जनरल हॉस्पिटल में उपलब्ध इन आधारभूत सेवाओं के इर्द-गिर्द धीरे-धीरे न्यूरो सर्जन, जनरल सर्जरी, जनरल मेडिसिन और पीडियाट्रिक्स जैसी सेवाओं का विस्तार हुआ। समय के साथ इन सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं को संस्थान के मुख्य भवन में स्थानांतरित किया गया, जबकि क्लीनिकल ब्रॉड-स्पेशियलिटी सेवाएं जनरल हॉस्पिटल में निरंतर मजबूत एवं सुदृढ़ बनी रहीं।डॉ. अंजू रानी एवं डॉ. निधि ,स्त्री एवं प्रसूति रोग, डॉ. ब्रजेश सिंह सर्जन, डॉ. अजीत कुमार ,त्वचा रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन, डॉ. अनुज सिंह (बाल रोग विशेषज्ञ व सीनियर रेजिडेंट्स और जूनियर रेजिडेंट्स की समर्पित टीम द्वारा मरीजों को सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
























