
तुलसीपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत बेला में राप्ती नदी के तेज कटान से ग्रामीणों में दहशत है। बेला गांव के हरिवंश पुरवा और कोडारी गांव के पास नदी तेजी से जमीन काट रही है। अब तक करीब 35 किसानों की कृषि योग्य भूमि नदी में समा चुकी है। कटान लगातार गांव की ओर बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते कोई कदम नहीं उठाया गया, तो करीब 200 परिवारों के सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो जाएगा। ग्राम प्रधान मीनाक्षी ने बताया कि पिछले कई दिनों से संबंधित विभाग के अधिकारियों को लगातार कटान की जानकारी दी जा रही है। हालांकि, अभी तक मौके पर कटान रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने बताया कि नदी के कटान से कई किसानों की बड़ी मात्रा में कृषि भूमि कट चुकी है। इनमें मोबीन की पांच बीघा, रईस की दो बीघा, रामदयाल की कुछ बीघा, अवधराम की 22 बीघा, मेलाराम की तीन बीघा, दयाराम की तीन बीघा और बराती सैनी की नौ बीघा भूमि शामिल है। ग्रामीणों में उमेश यादव, राजेश कुमार, आशीष यादव, अजय कुमार पांडेय, कृष्ण मोहन, राममूरत, रामनरेश, उदयभान, नीरज, त्रिभुवन, जगतराम और शारदा प्रसाद समेत कई लोगों ने बताया कि राप्ती नदी का कटान लगातार गांव की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से नदी किनारे तत्काल सुरक्षा कार्य कराने की मांग की है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी तुलसीपुर हेमंत कुमार गुप्ता ने बताया कि लेखपाल को मौके पर भेजकर जांच कराई जा रही है।






























