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न्यायालय सुरक्षा में तैनात पुलिस बल को विशेष प्रशिक्षण:बलरामपुर जनपद न्यायालय की सुरक्षा मजबूत करने के लिए 14 दिन का विशेष प्रशिक्षण

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बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश सिंह के निर्देश पर और अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय के नेतृत्व में जनपद न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए एक विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण न्यायालय सुरक्षा में तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को 14 दिनों तक चलेगा। इसी कड़ी में 6 सितंबर 2026 को ललिया क्षेत्राधिकारी डीके श्रीवास्तव ने पुलिस अधीक्षक सभागार में एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें न्यायालय सुरक्षा ड्यूटी में तैनात पुलिस बल को न्यायालय और वीआईपी सुरक्षा से जुड़ी कई जरूरी बातों पर विस्तार से ट्रेनिंग और आवश्यक निर्देश दिए गए। प्रशिक्षण के दौरान न्यायालय सुरक्षा प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार और पुलिस बल को कोर्ट परिसर की सुरक्षा से संबंधित सुरक्षा के नियम बताए गए। उन्हें संभावित खतरों की पहचान, उनकी जांच, सतर्कता, खुफिया जानकारी जुटाने और अचानक आने वाली स्थितियों में तुरंत और प्रभावी कार्रवाई करने की प्रैक्टिकल जानकारी दी गई। ट्रेनिंग के मुख्य बिंदुओं में जजों, कोर्ट स्टाफ, वकीलों, वादियों, गवाहों और दूसरे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपाय शामिल थे। इसमें कोर्ट परिसर, प्रवेश और निकास द्वार, और महत्वपूर्ण जगहों की सुरक्षा के बुनियादी सिद्धांत और जरूरी सुरक्षा नियम भी बताए गए। महत्वपूर्ण कोर्ट को आतंकवादी या असामाजिक तत्वों से होने वाले खतरों की पहचान, खतरे का अंदाजा लगाना और उसके हिसाब से सुरक्षा इंतजाम करने पर भी जोर दिया गया। खुफिया जानकारी (इंटेलिजेंस) के महत्व और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर जरूरी कार्रवाई के बारे में भी बताया गया। इसके अलावा, कोर्ट परिसर में काम करने वाली अलग-अलग संस्थाओं, संगठनों और लोगों के साथ आपसी तालमेल और बेहतर बातचीत बनाकर सुरक्षा व्यवस्था पक्की करने पर भी चर्चा हुई। वीआईपी सुरक्षा के दौरान बरती जाने वाली जरूरी सावधानियां और तय सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन भी सिखाया गया। आकस्मिक स्थितियों, संदिग्ध चीज या व्यक्ति, या किसी अप्रत्याशित घटना में तुरंत, मिलकर और प्रभावी ढंग से जवाब देने के तरीके भी समझाए गए। ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों की सतर्कता, अनुशासन और जिम्मेदारियों के संबंध में भी जरूरी निर्देश दिए गए। इस प्रशिक्षण का मुख्य मकसद कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और ज्यादा सतर्क, व्यवस्थित और प्रभावी बनाना है। इसका उद्देश्य जजों, कोर्ट स्टाफ, वकीलों, वादियों, गवाहों, न्यायिक रिकॉर्ड और दूसरे जरूरी संसाधनों की सुरक्षा पक्की करना है। इस दौरान न्यायालय सुरक्षा ड्यूटी में तैनात सभी अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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