नेपाल के भोटेकोशी-त्रिशूली इलाके में आई बाढ़ और भूस्खलन का असर भारत-नेपाल पर्यटन पर दिख रहा है। आपदा के बाद काठमांडू और पोखरा जाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या बहुत कम हो गई है। सोनौली सीमा से नेपाल जाने वाले पर्यटक अब लंबी दूरी की यात्रा से बच रहे हैं। वे सिर्फ भैरहवा, बुटवल और लुंबिनी तक ही जा रहे हैं। पहले सोनौली सीमा से रोज 15 से 20 पर्यटक बसें और 45 से 50 पर्यटक वाहन नेपाल के अलग-अलग जगहों पर जाते थे, जिनमें काठमांडू और पोखरा जाने वाले ज्यादा होते थे। अब लुंबिनी के लिए सिर्फ पांच पर्यटक बसें और भैरहवा-बुटवल के लिए करीब 10 पर्यटक वाहन ही जा रहे हैं। नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से हुई तबाही के बाद पर्यटन विभाग पर्यटकों का भरोसा फिर से जीतने की कोशिश कर रहा है। नेपाल पर्यटन बोर्ड ने बताया है कि कुछ इलाके ही प्रभावित हुए हैं, जबकि नेपाल का ज्यादातर हिस्सा सामान्य है और पर्यटकों का स्वागत कर रहा है। पर्यटकों की मदद के लिए पर्यटन बोर्ड में एक सूचना केंद्र भी बनाया गया है। बोर्ड का कहना है कि सुरक्षित इलाकों में पर्यटन जारी रखना जरूरी है, ताकि आपदा से प्रभावित स्थानीय अर्थव्यवस्था को मदद मिल सके। काठमांडू और पोखरा जाने वाले पर्यटकों की संख्या कम होने से सोनौली के पर्यटन वाहन चलाने वाले, होटल मालिक और ट्रैवल एजेंसियों पर भी असर पड़ा है। उम्मीद है कि नेपाल के मुख्य रास्तों की स्थिति साफ होने और पर्यटकों का सुरक्षा पर भरोसा लौटने के बाद ही लंबी दूरी के पर्यटन में तेजी आएगी। सोनौली व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने बताया कि लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। भारतीय पर्यटक कमलेश, रविंदर, सूरज, संजय खरवार, संदीप सरोज और नवीन ने बताया कि वे अभी पहाड़ी इलाकों में न जाकर लुंबिनी और तराई क्षेत्र के बुटवल में घूमकर वापस घर चले जाएंगे।
Home उत्तर प्रदेश नेपाल में बाढ़-भूस्खलन से भारतीय पर्यटकों की संख्या घटी:काठमांडू-पोखरा जाने से बच...
स्टाइपेंड की मांग पर घमासान, JDA ने इंटर्न डॉक्टरों के समर्थन...
भोपाल| भोपाल में स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग को लेकर इंटर्न डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन अब और विकराल रूप लेता जा रहा है। इंटर्न डॉक्टरों...




































