श्रावस्ती के गिलौला थाना क्षेत्र में कमलेश की मौत के मामले में घटनाक्रम को लेकर परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश है। परिजनों की ओर से पुलिस पर लापरवाही और पूरे घटनाक्रम की सही जानकारी न देने के आरोप लगाए जा रहे हैं। मंगलवार रात पुलिस और प्रशासन की ओर से कमलेश के वाहन से कूदने की बात कही गई थी, जबकि बुधवार को परिजनों की तहरीर पर सात लोगों के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया।मामले में कानूनगो संतोष कुमार तिवारी और लेखपाल दिनेश पटेल को निलंबित किया गया है, जबकि थाना प्रभारी आशीष वर्मा, उपनिरीक्षक इंद्रदेव पटेल और आरक्षी परविंदर कुमार को लाइन हाजिर किया गया है। गिलौला थाने की जिम्मेदारी निरीक्षक राजेश कुमार गुप्ता को सौंपी गई है।देर रात शव परिजनों के सुपुर्द किया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव मर्चरी में रखा गया था। बड़े बेटे संजय के मुंबई से पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है।
घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए पांच थानों की पुलिस तैनात है। वहीं मामले को लेकर स्थानीय राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नेताओं की सक्रियता के बीच घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग उठ रही है।पुलिस के अनुसार, मृतक के भाई की तहरीर पर सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि कमलेश की मौत किन परिस्थितियों में हुई और घटनाक्रम में किसकी क्या भूमिका थी।













































