श्रावस्ती /राप्ती में बढ़ते घटते जलस्तर के दृष्टिगत जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी, उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, क्षेत्रीय लेखपाल आदि के द्वारा जनपद के संवेदनशील/अति संवेदनशील स्थलों का निरन्तर भ्रमण कर जायजा लिया जा रहा है। इसके अलावा गावों में मुनादी आदि के माध्यम से लोगों को सुरक्षित रहने हेतु सतर्क भी किया जा रहा है तथा सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने हेतु अपील भी की जा रही है। दिनांक 26 सितम्बर, 2026 के पूर्वान्ह 11 बजे राप्ती नदी जा जलस्तर 128.400 मीटर था जो खतरे के निशान से 0.700 मीटर ऊपर है। सायंकाल 05 बजे भी राप्ती नदी का जलस्तर 128.400 मीटर है। जिला प्रशासन पूरी स्थिति पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रख रहा है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य के लिए सभी तैयारियां पूर्ण हैं। जनपद 28 राहत शिविर व 19 बाढ़ चौकी बनाए गए हैं, जहाँ प्रभावित नागरिकों के लिए रहने, शुद्ध पेयजल, भोजन और दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था है।
जलभराव के कारण फसल क्षति का मूल्यांकन राजस्व टीम द्वारा किया जा रहा है जिससे किसानों को फसल की क्षति का मुआवजा दिया जायेगा। तहसील जमुनहा के अर्न्तगत अब तक 02 कच्चा मकान व 02 पशुशेड क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई है तथा ग्राम मल्हीपुर खुर्द में 01 कच्चा मकान गिरने से महमूद रजा पुत्र इब्बग्रहीम उम्र लगभग 25 वर्ष आंशिक रूप से चोटिल हुए थे जिनका चिकित्सीय उपचार चल रहा है। ग्राम लोनियनपुरवा दा० चन्द्रखाबुजुर्ग मे गुलर का पेड़ मकान पर गिरने से हरीराम चौहान उम्र 60वर्ष, अमर नाथ उम्र 35वर्ष, सुनील उम्र 16वर्ष, मीना उर्म 30 वर्ष, दयाराम उम्र 75 वर्ष, कलावती उम्र 55 वर्ष, घायल हो गये थे जिनके समुचित उपचार हेतु चिकित्सालय भेजा गया। जिसमें घायल दया राम पुत्र पल्टन की मृत्यु हो गई हैं। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि आपदा जनहानि होती है तो तत्काल आपदा राहत कोष से परिवारजन को तत्काल सहायता राशि प्रदान की जाए।













































