बस्ती जिले के कप्तानगंज ब्लॉक के पोखरा गांव के पास बहने वाली मनोरमा नदी इन दिनों भारी जलभराव और घनी जलकुंभी-नरकट से पटी हुई है। बारिश के कारण नदी का बहाव लगभग पूरी तरह रुक गया है। इससे नदी का पानी पूरी तरह गंदा हो गया है, जो आसपास के ग्रामीणों के लिए एक बड़ी समस्या बन गई है। इस समस्या को देखते हुए, महुरैया ग्राम सभा के निषाद समाज के लोगों ने नदी को फिर से साफ करने की पहल की है। पूर्व प्रधान रूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में बुधवार को करीब 10 से 50 निषाद समुदाय के लोग इस अभियान में शामिल हुए। इन ग्रामीणों ने बिना किसी सरकारी या आर्थिक मदद के, एक ही दिन में नदी के लगभग 500 मीटर हिस्से से जलकुंभी और नरकट को साफ कर दिया। अभियान के दौरान ग्रामीणों ने पारंपरिक नावों और औजारों का इस्तेमाल किया। उन्होंने नदी के बीच में पहुंचकर जलकुंभी को काटा और किनारे पर खड़े लोगों ने उसे खींचकर बाहर निकाला। इस काम में 70 साल के बोधर निषाद ने भी अपनी उम्र की परवाह किए बिना युवाओं का साथ दिया। उन्होंने कहा कि मनोरमा नदी उनके लिए सिर्फ एक जलधारा नहीं, बल्कि मां के समान है। इसी भावना से प्रेरित होकर वे बिना किसी पैसे की उम्मीद के इस सफाई काम में लगे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि अभी नदी का बहाव तेज है। यह जलकुंभी को साफ करने का सही समय है, क्योंकि कटी हुई जलकुंभी धारा के साथ बहकर आगे निकल जाएगी और नदी जल्द साफ हो सकेगी। इस अभियान में रूपेंद्र सिंह के साथ राजेश निषाद, पंचायत सदस्य अंजीत निषाद, सर्वन निषाद, तिलक राम निषाद, राम लोटन निषाद, बुसुनदास निषाद, चंद्रभान निषाद और गोविंद निषाद सहित कई अन्य ग्रामीण भी शामिल रहे।
प्रकृति का संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी: मंत्री राजेश अग्रवाल
रायपुर : पर्यावरण संरक्षण और हरियाली संवर्धन के संदेश के साथ आज कुंवरपुर, लखनपुर में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश...







































