सिसवा बाजार के वार्ड नंबर 10 स्थित बिस्मिल नगर पिपरिया में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित डोल मेले का समापन श्रद्धा और उल्लास के साथ हुआ। विसर्जन से पहले श्रद्धालुओं ने भगवान कृष्ण के डोल को डीजे और ढोल-नगाड़ों के साथ पूरे गांव में घुमाया। महिलाओं ने भक्ति गीत गाते हुए डोल को कंधे पर उठाया, जबकि बच्चे ढोल-नगाड़े बजाते हुए उत्सव में शामिल हुए। जगह-जगह पटाखे भी जलाए गए। डोल के गांव में भ्रमण से पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना रहा। डीजे की धुन पर पूरे गांव में घुमाया डोल जन्माष्टमी के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के डोल को पूरे गांव में भ्रमण कराया। डीजे की धुन और भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालु उत्साह के साथ आगे बढ़ते रहे। गांव के लोगों ने जगह-जगह डोल का स्वागत किया और धार्मिक माहौल में पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने गीत गाकर निभाई परंपरा डोल यात्रा में महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी रही। महिलाएं भक्ति गीत गाते हुए डोल को अपने कंधों पर लेकर गांव में घूमीं। इस दौरान बच्चों और युवाओं में भी खासा उत्साह नजर आया। ढोल-नगाड़ों की आवाज और भक्ति गीतों से पूरे गांव का माहौल भक्तिमय हो गया। हर घर के दरवाजे पर हुई पूजा भगवान कृष्ण का डोल गांव के हर घर तक पहुंचा। श्रद्धालुओं ने अपने-अपने घरों के दरवाजे पर डोल की पूजा की और भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद लिया। घर-घर पहुंची डोल यात्रा ने आयोजन को सामूहिक उत्सव का रूप दे दिया। इस दौरान गांव के लगभग सभी परिवारों की भागीदारी रही। पटाखों के बीच शिव मंदिर पहुंचा डोल गांव में भ्रमण के दौरान श्रद्धालुओं ने पटाखे भी जलाए। डीजे, ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के बीच डोल वापस शिव मंदिर पहुंचा। मंदिर पहुंचने के बाद धार्मिक परंपराओं के अनुसार कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। डोल के शिव मंदिर पहुंचने के साथ ही जन्माष्टमी डोल मेले के समापन की प्रक्रिया पूरी हुई। बच्चों के लिए सजा छोटा मेला डोल मेले के अवसर पर गांव में स्थानीय छोटे दुकानदारों ने भी दुकानें सजाईं। मेले में बच्चों के लिए खिलौने, मिठाइयां और कई तरह की अन्य चीजें उपलब्ध थीं। बच्चों ने परिवार के साथ मेले में पहुंचकर खरीदारी की और उत्सव का आनंद लिया। स्थानीय दुकानदारों के लिए भी यह आयोजन उत्साह का अवसर रहा। गांव की सामूहिक भागीदारी ने बढ़ाई रौनक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के डोल विसर्जन में गांव के पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। धार्मिक आस्था के साथ सामूहिक भागीदारी ने आयोजन की रौनक बढ़ा दी। पूरे गांव का भ्रमण करने के बाद डोल शिव मंदिर पहुंचा और इसके साथ ही डोल मेले का विधिवत समापन हुआ।
राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में अवैध खनन पर सख्ती, राज्य सरकार ने...
जयपुर। उच्चतम न्यायालय के आदेशों तथा केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) की सिफारिशों की अनुपालना में राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य क्षेत्र में अवैध बालू-बजरी खनन...





































