जबलपुर। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के जल विद्युत गृहों ने अगस्त महीने में बिजली उत्पादन के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड कायम किया है। कंपनी ने अगस्त में 339 मिलियन यूनिट के निर्धारित लक्ष्य को पीछे छोड़ते हुए 380.90 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया है। इस दौरान 42 मिलियन यूनिट अधिक बिजली का उत्पादन दर्ज किया गया, जिसमें 83.40 प्रतिशत का प्लांट उपलब्धता फैक्टर हासिल हुआ।
तकनीकी तैयारी और रणनीतिक योजना से मिली सफलता
कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह, डायरेक्टर टेक्निकल सुबोध निगम और मुख्य अभियंता जल विद्युत राजेन्द्र पटेल ने इस उपलब्धि का श्रेय अग्रिम तैयारियों और अनुशासित परिचालन को दिया:
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लक्ष्य से अधिक उत्पादन: प्रदेश में संचालित 10 जल विद्युत गृहों की कुल 915 मेगावाट क्षमता के बल पर चालू वित्तीय वर्ष में अगस्त तक 963 मिलियन यूनिट के लक्ष्य के मुकाबले 983 मिलियन यूनिट बिजली बनाई गई, जो लक्ष्य से 20 मिलियन यूनिट अधिक है।
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'रेडीनेस फर्स्ट' नीति: मानसून की बारिश शुरू होने से पहले ही मशीनरी, टरबाइन, जनरेटर और सहायक प्रणालियों की मरम्मत व तकनीकी परीक्षण पूरा कर लिया गया था, जिससे बांधों में एकत्रित पानी का शत-प्रतिशत उपयोग संभव हो सका।
नियामक आयोग के तय मानकों के करीब पहुंचा पीएएफ
मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा सालाना प्लांट उपलब्धता (PAF) का मानक 83.77 प्रतिशत निर्धारित किया गया है:
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नियामक मानक के करीब: कंपनी ने अगस्त में 83.40 प्रतिशत का प्लांट उपलब्धता फैक्टर दर्ज किया, जो आयोग के तय पैमाने के बेहद करीब है।
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तकनीकी खराबी पर नियंत्रण: संयंत्रों की निरंतर निगरानी और नियमित रख-रखाव के कारण उत्पादन के दौरान तकनीकी खामियों की संभावना न्यूनतम रही, जिससे सभी इकाइयां अपनी पूर्ण क्षमता के साथ संचालित हुईं।




































