गांधीनगर: गुजरात विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले दिन 'वंदे मातरम' के गायन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं। सत्तारूढ़ भाजपा ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रगीत की प्रस्तुति के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक इमरान खेड़ावाला अपनी सीट पर बैठे रहे, जो राष्ट्रगीत के सम्मान के विपरीत है। भाजपा नेताओं ने इस घटनाक्रम को लेकर विधायक और कांग्रेस पार्टी से सार्वजनिक माफी की मांग की है।
सत्र की शुरुआत में राष्ट्रगीत के दौरान हुआ विवाद
तीन दिवसीय मॉनसून सत्र की शुरुआत के अवसर पर परंपरा के अनुसार 'वंदे मातरम' का गायन कराया गया। राज्य सरकार में मंत्री प्रवीण माली ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए दावा किया कि अहमदाबाद की जमालपुर-खाडिया सीट से एकमात्र मुस्लिम कांग्रेस विधायक इमरान खेड़ावाला राष्ट्रगीत शुरू होने पर खड़े तो हुए, लेकिन कुछ ही क्षणों में पुनः अपनी सीट पर बैठ गए। उन्होंने इस व्यवहार को सदन की गरिमा और राष्ट्रगीत के प्रोटोकॉल का सीधा उल्लंघन बताया।
भाजपा की मांग: व्यक्तिगत रुख या पार्टी की सोच, स्पष्ट करे कांग्रेस
मंत्री प्रवीण माली ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि कांग्रेस को इस विषय पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि क्या यह विधायक का व्यक्तिगत निर्णय था या पार्टी का आधिकारिक रुख। उन्होंने कहा कि 'वंदे मातरम' का अनादर देश के सम्मान को ठेस पहुंचाने जैसा है, इसलिए विधायक को पूरे देश से क्षमा याचना करनी चाहिए। भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर सदन से लेकर जनता के बीच कांग्रेस को घेरने की बात कही।
कांग्रेस का पलटवार: खड़े हुए थे विधायक, आरोप निराधार
दूसरी तरफ, कांग्रेस पार्टी ने भाजपा के सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। विधानसभा में कांग्रेस के व्हिप किरीट पटेल ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रगीत के दौरान इमरान खेड़ावाला सम्मानपूर्वक खड़े हुए थे। उन्होंने कहा कि खेड़ावाला ठीक उनके पीछे मौजूद थे और यह दावा पूरी तरह से असत्य है कि वे राष्ट्रगीत के समय खड़े नहीं हुए।
छवि धूमिल करने की राजनीति का लगाया आरोप
किरीट पटेल ने आरोप लगाया कि जिस तरह केंद्रीय स्तर पर कांग्रेस की साख को प्रभावित करने के प्रयास किए जाते हैं, उसी तर्ज पर गुजरात में भी सत्ता पक्ष के कुछ नेता अनर्गल आरोप लगाने की राजनीति कर रहे हैं। गौरतलब है कि इस तीखी बयानबाजी के बीच, हाल ही में दिवंगत हुए पूर्व विधायकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के पश्चात सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया।





































