
आनंद नगर के उच्च प्राथमिक विद्यालय में जागरूकता गोष्ठी हुई। इसमें प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) अपूर्व दीक्षित ने ग्रामीणों से बात कर तेंदुए से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां बताईं। गोष्ठी में पहुंचने से पहले डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने हाल ही में तेंदुए के हमले में जान गंवाने वाले मासूम राजवीर के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना जताई और घटना पर दुख व्यक्त किया। साथ ही हरसंभव मदद का भरोसा दिया। वन विभाग ने जागरूकता पोस्टर के जरिए ग्रामीणों को बताया कि गन्ने और बाजरे के खेतों में अकेले काम न करें, बल्कि समूह में रहें। खेतों में कटाई के दौरान आसपास लगातार निगरानी रखें। शाम और अंधेरा होने के बाद खेतों की ओर जाने से बचें। अधिकारियों ने घरों के आसपास झाड़ियां, कूड़ा-कचरा और घनी वनस्पति साफ रखने को कहा। बताया गया कि साफ-सफाई रखने से तेंदुए समेत अन्य वन्यजीवों के छिपने की संभावना कम हो जाएगी। इससे इंसान और वन्यजीव के बीच संघर्ष की घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी। वन विभाग ने ग्रामीणों को समझाया कि तेंदुआ दिखाई देने पर उसे घेरने, पत्थर मारने या भड़काने की कोशिश न करें। इसकी तुरंत जानकारी वन विभाग को दें और मौके पर भीड़ जमा न होने दें। गोष्ठी के दौरान डिप्टी रेंजर मयंक पांडे, वन क्षेत्राधिकारी आशीष गौर, वन दरोगा कौशल किशोर समेत अन्य वनकर्मी मौजूद थे। क्षेत्रीय ग्रामीणों में महिपाल यादव, छोटेलाल चौहान, उग्रसेन चौहान, राकेश चौहान, सत्यनारायण भारती, भूपेंद्र सिंह, वीरसेन और लाल बिहारी समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। वन विभाग ने ग्रामीणों को भरोसा दिया कि क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी, जागरूकता अभियान और जरूरी वन सुरक्षा काम लगातार जारी रहेंगे। इस दौरान पालतू मवेशी की मौत पर मिलने वाले मुआवजे पर भी चर्चा हुई। ग्रामीणों ने मुआवजे में देरी और न मिलने की समस्या बताई, जिस पर डीएफओ ने समाधान के उपाय और निर्देश दिए।





































