निचलौल में 22वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) महराजगंज ने 21 दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण का समापन किया। यह प्रशिक्षण वंश बहादुर इंटर कॉलेज, बहुआर कला-झुलनीपुर में आयोजित किया गया था। इसका मकसद सीमावर्ती क्षेत्र में लोगों का कल्याण और सामाजिक विकास करना है। शुक्रवार को हुए समापन समारोह में प्रशिक्षुओं को प्रमाण-पत्र और सिलाई किट बांटी गई। प्रशिक्षण में अच्छा प्रदर्शन करने वाले पहले और दूसरे स्थान पर रहे प्रशिक्षुओं को खास तौर पर इनाम दिया गया। समारोह की शुरुआत 22वीं वाहिनी के द्वितीय कमान अधिकारी और कार्यवाहक कमांडेंट नरेश कुमार जांगिड़ ने दीप जलाकर की। उन्होंने कहा कि कौशल विकास प्रशिक्षण का लक्ष्य ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को रोजगार के लायक हुनर देकर आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने बताया कि सिलाई जैसे प्रशिक्षण से महिलाएं घर बैठे अपना काम शुरू कर सकती हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। इस दौरान वाइब्रेंट विलेज भेड़िहारी और बहुवार खुर्द के पंचायत भवनों को टेबल, कुर्सी और कूड़ेदान भी दिए गए। एसएसबी अधिकारियों ने बताया कि इससे पंचायत भवनों में आने वाले ग्रामीणों को अच्छी सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही गांवों में साफ-सफाई और अच्छी व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने लोकगीत और लोकनृत्य समेत कई सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। इन प्रस्तुतियों से कार्यक्रम स्थल पर जोश का माहौल रहा। अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्रों को कार्यवाहक कमांडेंट ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में उप कमांडेंट शशांक राय, निरीक्षक शिवपूजन प्रसाद, अरुण पांडे, एएसआई राजीव राय समेत एसएसबी के अधिकारी और जवान मौजूद थे। तहसीलदार निचलौल पीयूष जायसवाल, प्रधानाचार्य ईश्वर शरण दास, ग्राम प्रधान भेड़िहारी शिवेंद्र सिंह, ग्राम प्रधान बहुवार खुर्द श्याम सुंदर, ग्राम प्रधान मटरा पन्नालाल, जनप्रतिनिधि, ग्रामीण, पत्रकार, शिक्षक और विद्यार्थी भी वहां मौजूद थे। ग्रामीणों ने सीमावर्ती क्षेत्र में एसएसबी के कौशल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, साफ-सफाई और महिला सशक्तिकरण जैसे कामों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से सुरक्षा बल और सीमावर्ती जनता के बीच भरोसा और सहयोग बढ़ता है।
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