श्रावस्ती के गिलौला इलाके में एनएच-730 से जुड़ी राजापुर गांव की सड़क खराब हालत में है। सड़क पर कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। कहीं सड़क के बीच में गहरे गड्ढे हैं तो कहीं किनारा टूटकर आधा रास्ता गड्ढों में बदल गया है। इससे गांव वालों और राहगीरों को आने-जाने में बहुत दिक्कत हो रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश में इन गड्ढों में पानी भर जाता है। इससे उनकी गहराई का पता नहीं चलता। ऐसे में दोपहिया वाहन चलाने वालों और पैदल चलने वालों के गड्ढों में गिरकर घायल होने का डर बना रहता है। कई बार लोगों के कपड़े भी कीचड़ और गंदे पानी से खराब हो जाते हैं। स्थानीय निवासी नीरज पांडेय, रामलोटन, सुहावन और मंगल ने बताया कि सड़क की खराब हालत के कारण रोज आने-जाने वालों को बहुत परेशानी होती है। गांव वालों के मुताबिक, कई बार ई-रिक्शा भी सड़क के गड्ढों में फंसकर पलट जाते हैं। इससे यात्री घायल हो जाते हैं। गांव वालों का कहना है कि यह सड़क आसपास के लोगों के लिए आने-जाने का एक जरूरी रास्ता है। लेकिन लंबे समय से इसकी हालत खराब है और इसकी मरम्मत या दोबारा बनाने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बारिश के मौसम में यह समस्या और बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से सड़क की हालत देखने और जल्द से जल्द नई सड़क बनाने की मांग की है। इससे गांव वालों और राहगीरों को आने-जाने में हो रही परेशानी से छुटकारा मिलेगा और हादसों का डर भी कम होगा।
राजापुर जाने वाली सड़क गड्ढों में तब्दील:बारिश में बढ़ जाती है परेशानी, राहगीरों को हादसे का डर
श्रावस्ती के गिलौला इलाके में एनएच-730 से जुड़ी राजापुर गांव की सड़क खराब हालत में है। सड़क पर कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। कहीं सड़क के बीच में गहरे गड्ढे हैं तो कहीं किनारा टूटकर आधा रास्ता गड्ढों में बदल गया है। इससे गांव वालों और राहगीरों को आने-जाने में बहुत दिक्कत हो रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश में इन गड्ढों में पानी भर जाता है। इससे उनकी गहराई का पता नहीं चलता। ऐसे में दोपहिया वाहन चलाने वालों और पैदल चलने वालों के गड्ढों में गिरकर घायल होने का डर बना रहता है। कई बार लोगों के कपड़े भी कीचड़ और गंदे पानी से खराब हो जाते हैं। स्थानीय निवासी नीरज पांडेय, रामलोटन, सुहावन और मंगल ने बताया कि सड़क की खराब हालत के कारण रोज आने-जाने वालों को बहुत परेशानी होती है। गांव वालों के मुताबिक, कई बार ई-रिक्शा भी सड़क के गड्ढों में फंसकर पलट जाते हैं। इससे यात्री घायल हो जाते हैं। गांव वालों का कहना है कि यह सड़क आसपास के लोगों के लिए आने-जाने का एक जरूरी रास्ता है। लेकिन लंबे समय से इसकी हालत खराब है और इसकी मरम्मत या दोबारा बनाने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बारिश के मौसम में यह समस्या और बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से सड़क की हालत देखने और जल्द से जल्द नई सड़क बनाने की मांग की है। इससे गांव वालों और राहगीरों को आने-जाने में हो रही परेशानी से छुटकारा मिलेगा और हादसों का डर भी कम होगा।



































