सिद्धार्थनगर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टीकुर में रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। इस मेले में 22 मरीजों का निशुल्क उपचार किया गया और उन्हें आवश्यकतानुसार दवाएं भी वितरित की गईं। क्षेत्र के ग्रामीणों ने अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जांच कराई। इस स्वास्थ्य मेले का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनके घर के पास ही प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना था। मरीजों की स्वास्थ्य समस्याओं को सुनकर उनकी आवश्यक जांच और उपचार किया गया। चिकित्सकीय परामर्श के साथ दवाएं भी दी गईं, जिससे ग्रामीणों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेलों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। रविवार का दिन होने के बावजूद 22 मरीजों का स्वास्थ्य केंद्र पहुंचना दर्शाता है कि ग्रामीण अब नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर उपचार के प्रति सजग हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग को ऐसे आयोजनों की जानकारी अधिक व्यापक स्तर पर ग्रामीणों तक पहुंचानी चाहिए, ताकि मरीजों की संख्या और बढ़ सके। मेले के दौरान स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने मरीजों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और बीमारी के लक्षण दिखने पर समय पर जांच व उपचार कराने की सलाह दी। सामान्य बीमारियों के साथ अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के लिए भी चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया गया। इस कार्यक्रम में फार्मासिस्ट मनोज श्रीवास्तव, लैब टेक्नीशियन ज्ञानेंद्र और वार्ड ब्वाय एजाज अहमद उपस्थित रहे। इन स्वास्थ्यकर्मियों ने मेले की व्यवस्थाएं संभालीं और मरीजों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कीं। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि ग्रामीण इलाकों में इस तरह के स्वास्थ्य मेलों का आयोजन लगातार होना चाहिए। उनका कहना है कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर और दूर-दराज के ग्रामीणों को भी समय पर जांच, उपचार और दवाओं की सुविधा मिल सकेगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमित रूप से ऐसे शिविर आयोजित करने से लोगों को प्राथमिक स्तर पर ही स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल पाएगा।
स्वास्थ्य मेले में 22 मरीजों का निशुल्क उपचार:टीकुर में आयोजित, आवश्यकतानुसार दवाएं भी बांटी गईं
सिद्धार्थनगर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टीकुर में रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। इस मेले में 22 मरीजों का निशुल्क उपचार किया गया और उन्हें आवश्यकतानुसार दवाएं भी वितरित की गईं। क्षेत्र के ग्रामीणों ने अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जांच कराई। इस स्वास्थ्य मेले का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनके घर के पास ही प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना था। मरीजों की स्वास्थ्य समस्याओं को सुनकर उनकी आवश्यक जांच और उपचार किया गया। चिकित्सकीय परामर्श के साथ दवाएं भी दी गईं, जिससे ग्रामीणों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेलों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। रविवार का दिन होने के बावजूद 22 मरीजों का स्वास्थ्य केंद्र पहुंचना दर्शाता है कि ग्रामीण अब नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर उपचार के प्रति सजग हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग को ऐसे आयोजनों की जानकारी अधिक व्यापक स्तर पर ग्रामीणों तक पहुंचानी चाहिए, ताकि मरीजों की संख्या और बढ़ सके। मेले के दौरान स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने मरीजों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और बीमारी के लक्षण दिखने पर समय पर जांच व उपचार कराने की सलाह दी। सामान्य बीमारियों के साथ अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के लिए भी चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया गया। इस कार्यक्रम में फार्मासिस्ट मनोज श्रीवास्तव, लैब टेक्नीशियन ज्ञानेंद्र और वार्ड ब्वाय एजाज अहमद उपस्थित रहे। इन स्वास्थ्यकर्मियों ने मेले की व्यवस्थाएं संभालीं और मरीजों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कीं। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि ग्रामीण इलाकों में इस तरह के स्वास्थ्य मेलों का आयोजन लगातार होना चाहिए। उनका कहना है कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर और दूर-दराज के ग्रामीणों को भी समय पर जांच, उपचार और दवाओं की सुविधा मिल सकेगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमित रूप से ऐसे शिविर आयोजित करने से लोगों को प्राथमिक स्तर पर ही स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल पाएगा।































