
बहराइच सीड्स (SEEDS) संस्था ने DRF प्रोजेक्ट के तहत आपदा प्रबंधन के लिए चुने गए वालंटियरों को खास ट्रेनिंग दी। प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर प्रशांत कुमार और दिनेश कुमार पांडेय की देखरेख में यह ट्रेनिंग बहराइच जिले की कैसरगंज और महसी तहसीलों की 14 बाढ़ प्रभावित ग्राम पंचायतों में दी जा रही है। इसी कड़ी में सिपहिया हुलास और घूरहरिपुर समेत दूसरे इलाकों में आपदा से पहले जागरूकता कार्यक्रम हुए। ट्रेनिंग के दौरान वालंटियरों को बताया गया कि आपदा से पहले, उसके दौरान और बाद में क्या करना है। उन्हें समुदाय तक समय पर चेतावनी कैसे पहुंचाएं, प्रभावित लोगों की मदद कैसे करें और स्थानीय स्तर पर तालमेल कैसे बिठाएं, इसकी पूरी जानकारी दी गई। इसके साथ ही, सोशल मैपिंग के जरिए गांव और पंचायत की संवेदनशीलता, खतरे, उपलब्ध संसाधन और सामुदायिक क्षमताओं को पहचानने का तरीका समझाया गया। इससे किसी भी आपदा के समय तुरंत और असरदार कार्रवाई की जा सकेगी। इस कार्यक्रम में DRF डिस्ट्रिक्ट कमेटी के सदस्य विनय कुमार शुक्ला, विपिन कुमार मिश्रा और पप्पू गौतम खास तौर पर मौजूद रहे। उन्होंने सभी वालंटियरों को समुदाय की सुरक्षा और आपदा के खतरे को कम करने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। इस ट्रेनिंग का मुख्य मकसद आनंद तिवारी, प्रदीप शुक्ला, नवनीत शुक्ला, सुमित सिंह, नौरंगी लाल विश्वकर्मा और शीबू शर्मा जैसे सक्षम वालंटियरों को स्थानीय स्तर पर तैयार करके एक सुरक्षित, जागरूक और आपदा से लड़ने वाला समुदाय बनाना है।





































