
बलरामपुर। उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थानम्, लखनऊ की ओर से गुरुवार को डायट, बलरामपुर में जिले स्तर की संस्कृत प्रतिभा खोज प्रतियोगिता हुई। नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. धीरेन्द्र प्रताप सिंह ने इसमें अतिथि के तौर पर शामिल होकर कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने विद्या की देवी मां सरस्वती का पूजन किया और दीप जलाकर विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा से जुड़ने को कहा। प्रतियोगिता में जिले के अलग-अलग इलाकों से आए विद्यार्थियों ने संस्कृत भाषा में अपनी प्रतिभा, ज्ञान और आत्मविश्वास दिखाया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों और संस्कृत भाषा के प्रति उनकी गहरी रुचि देखकर कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों और शिक्षकों ने उनका उत्साह बढ़ाया। इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. धीरेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि संस्कृत सिर्फ एक भाषा नहीं, बल्कि भारत के समृद्ध ज्ञान-विज्ञान, संस्कृति और परंपरा की खास धरोहर है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में संस्कृत के प्रति रुचि बढ़ती है और हमारी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान भी मजबूत होता है। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। डॉ. सिंह ने कहा कि युवा पीढ़ी जितनी मजबूती से अपनी संस्कृति, परंपरा और विरासत से जुड़ेगी, देश का भविष्य उतना ही मजबूत और संस्कारित होगा। उन्होंने संस्कृत भाषा को बचाने, बढ़ाने और फैलाने के लिए ऐसे आयोजनों को जरूरी बताया और आयोजकों को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में डीपी सिंह, प्रधानाचार्य अरविंद कुमार त्रिपाठी, योगेश मिश्रा, प्रवक्ता श्रीमती वंदना मिश्रा और प्रवक्ता श्रीमती रागिनी तिवारी सहित कई खास लोग और शिक्षक मौजूद रहे।
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