
श्रावस्ती के जमुनहा क्षेत्र में बंजारन पुरवा-नासिरगंज मार्ग पर जलभराव की समस्या को लेकर दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर का असर दिखाई दिया है। खबर सामने आने के बाद भारी गांव के पास पानी से भरे रास्ते पर ईंटें डाली गई हैं। इससे लंबे समय से जलभराव के बीच आवाजाही कर रहे ग्रामीणों और राहगीरों को फिलहाल कुछ राहत मिली है। हालांकि, ग्रामीण इसे स्थायी समाधान नहीं मान रहे हैं। उनका कहना है कि रास्ते को पक्का कराने के साथ जलनिकासी की उचित व्यवस्था जरूरी है। खबर छपते ही हरकत में आया प्रशासन बंजारन पुरवा-नासिरगंज मार्ग पर जलभराव से लोगों की परेशानी को लेकर दैनिक भास्कर ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। खबर सामने आने के बाद भारी गांव के पास जलभराव वाले हिस्से में ईंटें डालने का काम कराया गया। इससे रास्ते पर पानी और कीचड़ के बीच फंसकर चलने वाले लोगों को थोड़ी राहत मिली है। बारिश में रास्ता बन जाता था तालाब ग्रामीणों के मुताबिक बारिश के दौरान इस मार्ग पर काफी पानी जमा हो जाता था। पानी भरने के कारण सड़क का रास्ता स्पष्ट दिखाई नहीं देता था। राहगीरों को पानी और कीचड़ के बीच से होकर गुजरना पड़ता था। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी होती थी। ईंटें पड़ने से अब आवाजाही थोड़ी आसान जलभराव वाले हिस्से में ईंटें डाले जाने के बाद अब ग्रामीणों के लिए रास्ते से गुजरना पहले की अपेक्षा आसान हुआ है। लोग ईंटों के सहारे पानी भरे हिस्से को पार कर पा रहे हैं। ग्रामीणों ने इस तत्काल कार्रवाई पर संतोष जताया और इसे खबर का सकारात्मक असर बताया। ग्रामीण बोले- ईंटें अस्थायी, सड़क पक्की हो ग्रामीणों का कहना है कि ईंटें डालने से तत्काल राहत जरूर मिली है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। लगातार बारिश होने पर ईंटों के धंसने और रास्ता दोबारा खराब होने की आशंका बनी रहेगी। इसलिए मार्ग को पक्का कराया जाना जरूरी है। जलनिकासी की व्यवस्था नहीं हुई तो फिर भर जाएगा पानी ग्रामीणों ने सड़क निर्माण के साथ जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की भी मांग की है। उनका कहना है कि जब तक बारिश के पानी की निकासी के लिए उचित इंतजाम नहीं होगा, तब तक सड़क पर जलभराव की समस्या बनी रहेगी। हर बारिश में लोगों को इसी परेशानी से गुजरना पड़ेगा। ग्रामीणों को स्थायी समाधान की उम्मीद कार्रवाई के बाद ग्रामीणों ने राहत जताई है। उनका कहना है कि ईंटें डाले जाने से फिलहाल आवाजाही सुगम हुई है, लेकिन अब प्रशासन को आगे बढ़कर सड़क का स्थायी निर्माण कराना चाहिए। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जलभराव की समस्या को देखते हुए जल्द पक्की सड़क और प्रभावी जलनिकासी की व्यवस्था की जाएगी।




















































