
बहराइच जिले के मिहींपुरवा ब्लॉक में बाढ़ और जलभराव ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इलाके के कई गांवों में सड़कें और खेत पानी से भर गए हैं। इससे ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी पर असर पड़ा है। सबसे ज्यादा दिक्कत स्कूली बच्चों को हो रही है। जंगल गुलरिहा गांव की मुख्य सड़क पर पानी भरने से आना-जाना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों और राहगीरों को पानी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। छोटे बच्चे भी इसी रास्ते से स्कूल जाने को मजबूर हैं। कई जगह पानी ज्यादा होने के कारण अभिभावक बच्चों को ट्रैक्टर-ट्रॉली से स्कूल पहुंचा रहे हैं। ग्रामीण रंजीत, परशुराम, हरपाल, देवेंद्र और राहुल समेत कई लोगों ने बताया कि इलाके में काफी समय से बाढ़ का संकट है। कुछ दिन पहले पानी कम होने से लोगों को थोड़ी राहत मिली थी। लेकिन अब दोबारा जलस्तर बढ़ने से हालात फिर खराब हो गए हैं। सड़क पर पानी भरने से छोटे और बड़े दोनों तरह के छात्रों को स्कूल आने-जाने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए यह पानी भरा रास्ता किसी चुनौती से कम नहीं है। पानी के बीच से पैदल चलना खतरनाक है। दोपहिया वाहनों से भी आना-जाना मुश्किल हो गया है। ऐसे में बच्चों को स्कूल पहुंचाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली ही एकमात्र सहारा बन रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पानी भरे रास्तों पर जल्द से जल्द आवागमन की व्यवस्था ठीक की जाए। ताकि बच्चों की पढ़ाई पर असर न पड़े और उन्हें जान जोखिम में डालकर स्कूल न जाना पड़े।































