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बलरामपुर में बाहर की दवा लिखने पर डॉक्टर को फटकार:महिला आयोग की उपाध्यक्ष से इलाज के नाम पर वसूली की शिकायत

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बलरामपुर में सरकारी अस्पतालों में मरीजों के इलाज के नाम पर चल रही ‘दुकानदारी’ और अव्यवस्थाओं की तस्वीर बुधवार को राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी के निरीक्षण में सामने आई। उन्होंने दोपहर करीब एक से दो बजे के बीच जिला महिला अस्पताल और जिला मेमोरियल अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान मरीजों और तीमारदारों ने बाहर की दवाएं और जांच लिखने के साथ पैसे लिए जाने की शिकायतें कीं। वहीं, मेमोरियल अस्पताल में गंदगी, बदहाल शौचालय और गंदे बेड देखकर उपाध्यक्ष नाराज हो गईं। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। अस्पताल में उपलब्ध दवा भी बाहर से लिखी जिला महिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेश वर्मा की लिखी एक पर्ची उपाध्यक्ष के सामने आई। जांच में पता चला कि अस्पताल में उपलब्ध दवा भी मरीज को बाहर से खरीदने के लिए लिखी गई थी। इस पर चारू चौधरी ने डॉक्टर को फटकार लगाते हुए कहा कि अस्पताल में उपलब्ध दवाएं बाहर से लिखना मरीजों के साथ अन्याय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बलुहा निवासी अजमत ने शिकायत की कि उसकी पत्नी का ऑपरेशन हुआ और बेटी का जन्म हुआ। आरोप है कि इसके बदले अस्पताल में उससे 5 हजार रुपये लिए गए। उसने बाहर से जांच और दवाएं लिखे जाने की शिकायत भी की। मामला सामने आने पर उपाध्यक्ष ने महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजकुमार से जवाब मांगा। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और अस्पताल प्रशासन को व्यवस्था सुधारने की सख्त चेतावनी दी। हाजिरी रजिस्टर में भी मिली गड़बड़ी निरीक्षण के दौरान हाजिरी रजिस्टर की जांच में भी कई डॉक्टरों और कर्मचारियों के हस्ताक्षर दोपहर करीब डेढ़ बजे तक नहीं मिले। वाटर कूलर से ठंडा पानी नहीं मिलने पर भी उपाध्यक्ष ने नाराजगी जताई और कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। बदहाल शौचालय देख नाक पर रखा कपड़ा इसके बाद जिला मेमोरियल अस्पताल पहुंचीं चारू चौधरी को यहां भी व्यवस्थाएं खराब मिलीं। वार्ड के शौचालय से तेज दुर्गंध आ रही थी। स्थिति यह रही कि निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष को नाक पर कपड़ा रखना पड़ा। कई शौचालयों के दरवाजे टूटे हुए थे और सफाई व्यवस्था भी बदहाल मिली। शौचालय के सामने ही मरीज बेड पर भर्ती थे। गंदगी और दुर्गंध को देखकर उपाध्यक्ष ने संक्रमण फैलने की आशंका जताई और तत्काल शौचालयों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर किसी भी मद से धनराशि खर्च कर शौचालयों को दुरुस्त कराया जाए। बेड पर पड़े गंदे चादरों और इमरजेंसी वार्ड की खराब सफाई व्यवस्था पर भी उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई। मरीजों से सीधे जानी अस्पताल की हकीकत निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष ने मरीजों और तीमारदारों से सीधे बातचीत कर इलाज और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। गोविन्दबाग निवासी दुर्गा प्रसाद ने बताया कि उनका ऑपरेशन होना है और वह कई दिनों से अस्पताल के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन डॉक्टर उनकी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। शिकायत पर चारू चौधरी ने मेमोरियल अस्पताल के सीएमएस डॉ. हीरालाल को तत्काल मरीज को भर्ती कर ऑपरेशन कराने के निर्देश दिए। वहीं, अल्का त्रिपाठी ने अपने 10 वर्षीय बेटे शिवांशु के प्लास्टर के बाद संक्रमण होने की शिकायत की। अन्य मरीजों ने भी इलाज और अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर अपनी समस्याएं बताईं। समय से पहले ड्यूटी से गायब मिले डॉक्टर-कर्मचारी निरीक्षण में कई चिकित्सक और कर्मचारी निर्धारित समय से पहले ड्यूटी से गायब मिले। उपाध्यक्ष ने संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डॉक्टर और कर्मचारी निर्धारित समय तक अस्पताल में मौजूद रहकर मरीजों की सेवा करें। उन्होंने बाहर की जांच और दवाएं लिखे जाने की शिकायतों पर भी सख्त रुख अपनाया। नर्सिंग स्टाफ की कमी और अल्ट्रासाउंड मशीन की समस्या के संबंध में उन्होंने शासन स्तर पर वार्ता कर समाधान कराने का आश्वासन दिया। 23 नवजात कन्याओं की माताओं को बांटी बेबी किट राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सबसे पहले जिला महिला अस्पताल में आयोजित कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुईं। उन्होंने 23 नवजात कन्याओं की माताओं को बेबी किट और मिठाई वितरित की। इसके बाद अस्पताल का निरीक्षण शुरू किया, जहां व्यवस्थाओं की कई खामियां सामने आईं। बाद में चारू चौधरी ने सीएमएस महिला डिग्री कॉलेज में छात्राओं से संवाद कर उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने महिलाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने और गांव-गांव कैंप लगाकर पात्र महिलाओं को योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कन्या सुमंगला योजना का लाभ पात्र महिलाओं तक पहुंचाने पर भी जोर दिया। इसके बाद विकास भवन सभागार में जनसुनवाई आयोजित कर उन्होंने महिलाओं की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए।

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