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छावनी PHC में मुख्यमंत्री आरोग्य मेला:दोपहर तक 20 मरीज पहुंचे, खांसी-जुकाम और बुखार के मरीज ज्यादा; प्रचार की कमी की शिकायत

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छावनी पीएचसी पर रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। मेडिकल ऑफिसर डॉ. अभय चौधरी ने मेले में पहुंचे मरीजों की जांच की। दोपहर 2 बजे तक कुल 20 मरीजों को देखा गया। इनमें खांसी, सर्दी और बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या ज्यादा रही। मेले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच और चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध रही, लेकिन ग्रामीणों ने मेले के प्रचार-प्रसार को लेकर सवाल उठाए। दोपहर तक 20 मरीजों की हुई जांच रविवार को आयोजित आरोग्य मेले में सुबह से मरीज पहुंचने लगे। मेडिकल ऑफिसर डॉ. अभय चौधरी ने मरीजों की जांच कर उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं सुनीं। दोपहर 2 बजे तक कुल 20 मरीजों की जांच की जा चुकी थी। मरीजों को बीमारी के अनुसार चिकित्सकीय सलाह दी गई। खांसी, सर्दी और बुखार के मरीज ज्यादा मेले में सबसे अधिक मरीज खांसी, सर्दी और बुखार से संबंधित समस्याएं लेकर पहुंचे। मौसम में बदलाव के बीच इस तरह की शिकायतों वाले मरीजों की संख्या अधिक रही। चिकित्सक ने मरीजों की जांच कर आवश्यक सलाह दी। फार्मासिस्ट और स्वास्थ्यकर्मी भी रहे मौजूद आरोग्य मेले के दौरान पीएचसी पर फार्मासिस्ट शैलेंद्र शांडिल्य, एएनएम संजू सिंह और वार्ड बॉय बहादुर भी मौजूद रहे। स्वास्थ्यकर्मियों ने मेले में आने वाले मरीजों की व्यवस्थाओं में सहयोग किया। मरीजों की जांच और चिकित्सकीय परामर्श का काम दोपहर तक जारी रहा। पीएचसी पहुंचने वाली सड़क बदहाल छावनी पीएचसी तक पहुंचने वाली सड़क की स्थिति भी ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। सड़क कई जगह से खराब है। ग्रामीणों का कहना है कि मरीजों और उनके साथ आने वाले लोगों को पीएचसी तक पहुंचने में दिक्कत होती है। खासकर बारिश के दौरान सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है। इंडिया मार्का हैंडपंप से आ रहा गंदा पानी पीएचसी परिसर में लगे इंडिया मार्का हैंडपंप से गंदा पानी आने की शिकायत भी सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र पर आने वाले मरीजों और तीमारदारों के लिए साफ पानी की सुविधा जरूरी है। ऐसे में हैंडपंप की जांच कराकर उसे ठीक कराने की जरूरत है। प्रचार की कमी से मेले में कम पहुंच रहे मरीज ग्रामीणों का कहना है कि मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं किया जाता है। इसकी जानकारी समय से लोगों तक नहीं पहुंच पाती। इसी वजह से हर रविवार को लगने वाला आरोग्य मेला सामान्य दिनों की तरह ही दिखाई देता है। ग्रामीणों ने मेले से पहले गांवों में प्रचार कराने और लोगों को जांच व स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी देने की मांग की है।