
बहराइच जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने रविवार को मिहींपुरवा तहसील के सेमरहना गांव में बने बड़े गौ संरक्षण केंद्र का निरीक्षण किया। उनके साथ मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता और अपर जिलाधिकारी अमित कुमार भी मौजूद थे। डीएम ने गोपूजन कर गोवंश को गुड़ और फल खिलाए। उन्होंने केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार उपाध्याय ने बताया कि केंद्र में 397 गोवंश रखे गए हैं। इनमें 108 नर और 289 मादा गोवंश शामिल हैं। केंद्र पर 200 क्विंटल भूसा, सात क्विंटल पशु आहार और 40 किलो नमक मौजूद है। डीएम ने निर्देश दिए कि बीमार गोवंश की लगातार निगरानी की जाए। उन्हें समय पर इलाज, विटामिन, मिनरल्स और टीकाकरण की सुविधा दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी गोवंश के लिए नियमों के हिसाब से भूसा, दाना, चारा और हरा चारा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराया जाए। टैगिंग और लगातार निगरानी के निर्देश भी दिए राजेश कुमार पाण्डेय ने गोबर के सही इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों को केंद्र से जोड़कर वर्मी कंपोस्ट, गोबर के कंडे और दूसरे उत्पाद बनाने के निर्देश दिए। डीएम ने समूहों को प्रशिक्षण और जरूरी सामान देने के लिए कहा। साथ ही इन उत्पादों की ‘भरथापुर’ नाम से ब्रांडिंग करने को भी कहा। उन्होंने सालभर हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए। इसके तहत फरवरी-मार्च में खाली रहने वाले खेतों के किसानों की पहचान कर उनसे करार के तहत हरा चारा खरीदने को कहा। डीएम ने केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरों को पूरी तरह से चालू रखने के निर्देश दिए। उन्होंने इंटरनेट और बिजली के वैकल्पिक इंतजाम, कमांड सेंटर से जोड़ने, प्रवेश द्वार से शेड तक पक्का रास्ता बनाने और गोबर गैस प्लांट के जनरेटर को चालू रखने के लिए भी कहा। इसके अलावा, सभी गोवंश की पूरी टैगिंग और लगातार निगरानी के निर्देश भी दिए गए।








































