हापुड़। धौलाना थाने में रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब पहरे की ड्यूटी कर रहे 23 वर्षीय सिपाही आशीष वर्मा को सरकारी राइफल से गोली लग गई। गोली सीने में लगी। आवाज सुनकर थाने में मौजूद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में सिपाही को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
एडिशनल एसपी के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि आशीष ने सरकारी राइफल से खुद को गोली मारी। हालांकि, उसने यह कदम क्यों उठाया, इसकी वजह अभी साफ नहीं हो सकी है। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
कहां के निवासी थे सिपाही
आशीष आगरा के निबोहरा थाना क्षेत्र के हीरापुर गांव का रहने वाला था। वर्ष 2025 में वह यूपी पुलिस में भर्ती हुआ था। अप्रैल 2026 में उसे धौलाना थाने में पहली तैनाती मिली थी। परिवार के मुताबिक, पुलिस में नौकरी लगने के बाद घर में खुशी का माहौल था।
बताया जा रहा है कि आशीष करीब 15 दिन की छुट्टी लेकर गांव गया था। छुट्टी खत्म होने से तीन दिन पहले ही वह वापस थाने लौट आया था। शुक्रवार को उसने ड्यूटी ज्वाइन की थी। शनिवार को उसकी ड्यूटी पिलखुवा चौराहे पर लगाई गई थी, जबकि रविवार को वह थाने में पहरे की जिम्मेदारी संभाल रहा था।
साथी पुलिसकर्मियों के अनुसार, रविवार सुबह पहरे के दौरान आशीष किसी से फोन पर बात कर रहा था। बातचीत खत्म होने के कुछ देर बाद ही गोली चलने की आवाज आई। पुलिसकर्मी जब मौके पर पहुंचे तो आशीष खून से लथपथ पड़ा था।
परिजनों ने कहा ये
परिजनों ने बताया कि उन्हें आशीष के किसी परेशानी में होने की जानकारी नहीं थी। वहीं, गांव में चर्चा है कि उस पर करीब 15 लाख रुपये का कर्ज था। हालांकि, पुलिस ने अभी कर्ज को उसकी मौत की वजह नहीं माना है और इसकी आधिकारिक पुष्टि भी नहीं हुई है।
आशीष के पिता त्रिभुवननाथ खेती करते हैं। परिवार में मां, दो बहनें और एक भाई हैं। उसकी शादी नहीं हुई थी। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजन हापुड़ के लिए रवाना हो गए। पुलिस अब फोन कॉल, ड्यूटी से जुड़ी जानकारी और अन्य परिस्थितियों की जांच कर रही है।








































