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पूर्व प्रधानाचार्य और कांग्रेस नेता का निधन:80 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस, क्षेत्र में शोक

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धानी बाजार निवासी रमानाथ उमानाथ इंटर कॉलेज फुलमनहा लेहड़ा बाजार के पूर्व प्रधानाचार्य और सक्रिय कांग्रेस नेता जनार्दन शास्त्री का रविवार को निधन हो गया। वे करीब 80 वर्ष के थे। पिछले कुछ महीनों से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की खबर मिलते ही धानी बाजार और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय तक दी सेवाएं जनार्दन शास्त्री ने लंबे समय तक शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएं दीं। रमानाथ उमानाथ इंटर कॉलेज फुलमनहा लेहड़ा बाजार के प्रधानाचार्य के रूप में उन्होंने विद्यालय की जिम्मेदारी संभाली। शिक्षा के प्रति उनकी लगन और अनुशासित कार्यशैली के कारण क्षेत्र में उनकी अलग पहचान रही। उनके निधन से शिक्षा जगत से जुड़े लोगों में भी शोक है। बीमारी के बाद रविवार को हुआ निधन परिजनों के अनुसार जनार्दन शास्त्री बीते कुछ महीनों से अस्वस्थ चल रहे थे। रविवार को उनका निधन हो गया। निधन की सूचना मिलते ही परिचितों, शुभचिंतकों और क्षेत्र के लोगों का उनके आवास पर पहुंचना शुरू हो गया। लोगों ने परिजनों को ढांढस बंधाया और दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। सरल स्वभाव और अनुशासन को किया याद श्रद्धांजलि देने पहुंचे लोगों ने जनार्दन शास्त्री के सरल स्वभाव और अनुशासित जीवन को याद किया। लोगों ने कहा कि उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाया। सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहने के साथ वह सक्रिय रूप से कांग्रेस से भी जुड़े रहे। उनके निधन को क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया गया। कांग्रेस नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि उनके आवास पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय सिंह, आलोक यादव, छट्टू सिंह, गोपाल सिंह, जिला पंचायत सदस्य राहुल शर्मा, अनिल गुप्त, रामसहाय गुप्ता और गुलाब चौरसिया समेत कांग्रेस नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने उनके निधन पर शोक जताते हुए परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। आवास पर जुटी लोगों की भीड़ जनार्दन शास्त्री के निधन की खबर के बाद उनके आवास पर श्रद्धांजलि देने वालों की भीड़ जुटी। शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और क्षेत्र के सैकड़ों लोग पहुंचे। लोगों ने उनके साथ बिताए समय को याद किया और शिक्षा व समाज के क्षेत्र में उनके योगदान को सराहा। उनके निधन से क्षेत्र में शोक का माहौल बना हुआ है।