स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बनाए गए एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र अब बदहाल हो गए हैं। अधिकारियों की अनदेखी से करोड़ों की लागत से बने ये केंद्र सिर्फ दिखावा बनकर रह गए हैं, जबकि गांवों के किनारे खुले में कूड़ा फेंका जा रहा है। सिरसिया खास स्थित केंद्र की स्थिति सबसे खराब है। यहां मुख्य गेट टूटा हुआ है और परिसर असुरक्षित है। यहां तक कि शौचालय की सीट भी गायब है, जो लंबे समय से देखभाल की कमी दिखाता है। परिसर में गंदगी और अव्यवस्था है। सिसहनिया उर्फ शीशमहल स्थित केंद्र पर ताला लटका मिला है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह केंद्र लंबे समय से बंद है और यहां कूड़ा डालने का कोई काम नहीं हो रहा है। इसी तरह, चकदह फेज-2 स्थित केंद्र भी बदहाल स्थिति में है, जहां न तो कोई कर्मचारी है और न ही कूड़ा प्रबंधन से जुड़ी कोई गतिविधि दिख रही है। सबसे गंभीर बात यह है कि इन तीनों केंद्रों पर कूड़ा नहीं गिराया जा रहा है। इसके बजाय, गांवों के बाहर सड़कों और खाली जगहों पर खुले में कूड़ा फेंका जा रहा है, जिससे पर्यावरण प्रदूषण बढ़ रहा है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों ने कई बार शिकायत की है, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ है। अधिकारियों से इन केंद्रों को जल्द शुरू करने और स्वच्छता व्यवस्था सुधारने की मांग की गई है। उपजिलाधिकारी कुणाल ने कहा कि जांच के बाद जरूरी कार्रवाई की जाएगी।






































