
बहराइच के सुजौली पुलिस ने राष्ट्रीय साइबर जागरूकता अभियान चलाया। यह कार्यक्रम बप्पा जी गर्ल्स इंटर कॉलेज, चफरिया में हुआ। इसमें छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को साइबर अपराधों से बचाव के तरीके बताए गए। अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को डिजिटल अरेस्ट स्कैम, साइबर बुलिंग और साइबर ग्रूमिंग जैसे ऑनलाइन अपराधों के बारे में जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधी रोज नए-नए तरीकों से लोगों को डराकर, धमकाकर या लालच देकर ठगी कर रहे हैं। ऐसे में साइबर अपराध से बचने के लिए जागरूक और सतर्क रहना बहुत जरूरी है। पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि कोई भी पुलिस या जांच एजेंसी (जैसे CBI, ED, TRAI) व्हाट्सएप या वीडियो कॉल पर किसी को गिरफ्तार नहीं करती। वे इस तरह पैसों की मांग भी नहीं करते। अगर ऐसी कोई कॉल आती है, तो घबराएं नहीं, बल्कि सतर्क रहें और किसी अनजान व्यक्ति के खाते में पैसे न भेजें। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सोशल मीडिया का सावधानी से इस्तेमाल करने को कहा गया। पुलिस टीम ने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे खुद भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहें। साथ ही अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों से बचाव के बारे में बताएं। पुलिस ने यह भी बताया कि किसी भी तरह की साइबर धोखाधड़ी होने पर पीड़ित व्यक्ति तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर सकता है। इस जागरूकता अभियान में उपनिरीक्षक कुश कुमार, उपनिरीक्षक चंदन यादव, महिला आरक्षी रिंकी पांडेय, महिला आरक्षी सुगंधा प्रजापति और आरक्षी अतुल मिश्रा सहित सुजौली थाने की पुलिस टीम शामिल रही। पुलिस टीम ने छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को साइबर अपराधों से बचाव की जरूरी सावधानियां बताईं और जागरूक रहने की अपील की।






































