नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के बाद काठमांडू, पोखरा समेत कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित है। इसका असर भारत-नेपाल सीमा पर भी पड़ा है। महराजगंज की सोनौली सीमा पर गुरुवार को करीब 12 किलोमीटर लंबी मालवाहक वाहनों की कतार लग गई। कई चालक तीन-चार दिन से सीमा पर फंसे हैं। सड़क पर वाहन खड़े होने के कारण उन्हें पानी, भोजन और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है। नेपाल के त्रिशूली और भोटेकोशी नदी क्षेत्रों में बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है। कई जगह सड़क और पुल टूटने के कारण काठमांडू, पोखरा और अन्य इलाकों के लिए आवागमन बाधित है। इससे मालवाहक वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। सीमा पर लगातार वाहनों का दबाव बढ़ने से कतार लंबी होती जा रही है। भंसार कार्यालय रात 1 बजे तक खुला बढ़ते दबाव को देखते हुए कस्टम और पुलिस ने बुधवार को भैरहवा भंसार कार्यालय को रात 1 बजे तक संचालित करने का फैसला किया। कस्टम अधीक्षक संजय मिश्रा ने बताया कि नेपाल के अधिकारियों से बातचीत के बाद मालवाहक वाहनों की निकासी तेज करने के लिए कार्यालय का समय बढ़ाया गया है। इससे सीमा पर खड़े वाहनों को आगे भेजने में मदद मिलने की उम्मीद है। तीन दिन में 168 से बढ़कर 316 वाहन पहुंचे नेपाल आंकड़ों के मुताबिक, 6 सितंबर को 168, 7 सितंबर को 246 और 8 सितंबर को 316 मालवाहक वाहन नेपाल पहुंचे। इसके मुकाबले बुधवार शाम तक सिर्फ 72 वाहन ही नेपाल जा सके थे। निकासी की धीमी रफ्तार के कारण सीमा पर वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। चालक बोले- सड़क पर ही काट रहे रात, राशन-पानी की दिक्कत झारखंड से लोहा लेकर नेपाल जा रहे चालक प्रदीप कुमार ने बताया कि वह तीन दिन से सीमा पर फंसे हैं। सड़क पर वाहन खड़े होने के कारण राशन, पानी, भोजन और शौचालय की सबसे ज्यादा समस्या हो रही है। आजमगढ़ निवासी चालक बबलू मौर्या ने बताया कि उन्होंने बनारस से कोयला लादा है और चार दिन से नेपाल जाने का इंतजार कर रहे हैं। चालकों को उम्मीद है कि भंसार कार्यालय का समय बढ़ाए जाने से वाहनों की निकासी तेज होगी।
मिर्जापुर में तड़के मुठभेड़, पुलिस की गोली से स्नैचर घायल, साथी...
मिर्जापुर: यूपी के मिर्ज़ापुर में गुरुवार को तड़के पुलिस ने चेकिंग के दौरान दो शातिर स्नैचर को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया है।...


































