नेपाल में आई बाढ़ के बाद नारायणी नदी का जलस्तर गुरुवार को तेजी से सामान्य हो गया। महराजगंज जिले में फिलहाल बाढ़ का खतरा टल गया है। नेपाल में हुई तबाही और नदी के जलस्तर में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग पहले से अलर्ट था। अब पानी घटने के बाद नदी किनारे बसे लोगों ने राहत की सांस ली है। नेपाल से आने वाली गंडक यानी नारायणी नदी का जलस्तर तेजी से नीचे आया है। वाल्मीकिनगर गंडक बराज पर पानी का डिस्चार्ज अब करीब 1 लाख क्यूसेक रह गया है। वहीं, त्रिशूली नदी का पानी नारायणी के रास्ते सुरक्षित आगे निकल रहा है। फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन प्रशासन की नजर नदी के किनारे के इलाकों पर बनी हुई है। तेजी से घटा नारायणी का जलस्तर, टला बाढ़ का खतरा नारायणी नदी में पानी बढ़ने से सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा था। जलस्तर में तेजी से गिरावट आने के बाद फिलहाल यह खतरा टल गया है। पानी कम होने से नदी के आसपास रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है। वाल्मीकिनगर बराज पर 1 लाख क्यूसेक रह गया पानी वाल्मीकिनगर गंडक बराज पर नारायणी नदी का जलस्तर अब करीब 1 लाख क्यूसेक पर आ गया है। पानी का बहाव सामान्य होने से निचले इलाकों में भी तत्काल बाढ़ की आशंका कम हुई है। इसके बावजूद प्रशासन ने निगरानी जारी रखी है। नेपाल में प्राकृतिक बांध बनने से बिगड़े थे हालात इससे पहले नेपाल और तिब्बत सीमा क्षेत्र में हालात गंभीर हो गए थे। चीन के पोइकू क्षेत्र में अचानक आए जल-प्रलय के बाद नेपाल के रसुवा जिले में तबाही मची थी। बताया गया कि तिब्बत सीमा के पास 4.4 तीव्रता का भूकंप आया था। इसके झटकों से पहाड़ और बर्फ का बड़ा हिस्सा टूटकर नदी में गिर गया था, जिससे नदी का रास्ता अवरुद्ध होकर प्राकृतिक बांध बन गया। अस्थायी बांध टूटने के बाद आया फ्लैश फ्लड नदी में पानी का दबाव बढ़ने के बाद प्राकृतिक रूप से बना अस्थायी बांध टूट गया। इसके बाद ऊपरी इलाकों में तेज फ्लैश फ्लड की स्थिति बनी। हालांकि निचले इलाकों में बारिश नहीं होने और पानी का बहाव तेजी से आगे निकल जाने से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। प्रशासन ने बढ़ाई थी तटबंधों की निगरानी नारायणी का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने पहले ही अलर्ट जारी कर दिया था। गंडक नदी के किनारे बसे जिलों में प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए थे। तटबंधों की निगरानी बढ़ाने के साथ निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई थी। राहत और बचाव टीमों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए थे। पानी घटा, लेकिन नदी किनारे इलाकों पर नजर जारी नारायणी नदी का जलस्तर सामान्य होने के बाद प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि प्रशासन की ओर से नदी के किनारे बसे इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का फोकस जलस्तर में दोबारा होने वाले उतार-चढ़ाव पर है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।






































